रानिल विक्रमसिंघे ने ली श्रीलंका के नए राष्टपति की शपथ 

रानिल विक्रमसिंघे ने ली श्रीलंका के नए राष्टपति की शपथ 

रानिल विक्रमसिंघे इससे पहले 6 बार श्रीलंका की परधानमंत्री के रूप में काम कर चुके है। इसलिए श्रीलंका के राषटपति के चुनाव के दावेदार में से एक है। रानिल ने आज श्रीलंका के नए राष्टपति के लिए शपथ ली है। श्रीलंका की संसद मे 44 साल में यह पहेली बर्र हुआ है।   जबसे रानिल वह के चुनाव जीत गए है उसके बाद से ही श्रीलंका की राजधानी क्लोमबो में फिर से परदर्शन शुरू हो गए है। वाह के लोग इसका काफी परदर्शन कर रहे है। विक्रमसिंघे श्रीलंका में 225 में से 134 वोट से चुनाव जीत गए है। रानिल विक्रमसिंघे पहेले दो बार राष्टपति का चुनाव हर चुके है। विक्रमसिंघे पेशे से वकील इक है।  पहेली बार यह हुआ है की राष्टपति कि नियुक्ति वाह की लोगों द्वारा नहीं बल्कि संसद द्वारा की गई है। श्रीलंका इतने बड़े भीषण संकट में फस चुका था की की वाह लोगों का जीना मुस्किल हो गया था। इस संकट से सरकार समझोत नहीं कर पाई और सब कुछ ठीक करने में नाकाम रही इसलिए मजबूर हो कर वाह के लोगों सड़क पर उत्तर गए और जम कर परदर्शन किया। इसलिए देश की इतनी बुरी हालत देख कर राष्टपति का चुना बहुत जरूरी था। इसलिए काफी कड़ी सुरक्षा के बीच चुनाव गुप्त मतदान शुरू हुआ। राष्टपति चुनाव का मुकाबला रानिल विक्रमसिंघे, डलास अल्लाहपेरुमा, जेवीपी के नेता अनुरा कुमारा के बीच था। जब गोटबाया राजपक्षे ने देश छोड़कर भागने के बाद राष्टपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। 1948 में आजाद होने के बाद से अपने सबसे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। श्रीलंका में जो सविधान को माना जाता ही उसके अनुसार नया राष्टपति पुराने राष्टपति का काम पूरा करेंगे।

अब कही न कही शायद नए राष्टपति चुनाव के बाद श्रीलंका के हालत ठीक करने की लिए जलधी ही कोई कदम उठान होगा नहीं तो बद से तो बतर हाल श्रीलंका का हो ही चुका है वाह के लोग मरने या देश छोड़ने के लिए मजबूर हो चुके है।