मंदी का खौफ, कोरोना काल बाद का फिर आया संकट 

दुनिया भर के टेक कंपनियों का दौरा चल रहा है जिसमें यह देखा गया है की बहुत सी बड़ी कॉम्पनीस ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। पिछले कुछ महीनों से बड़ी कंपनी इसलिए सुर्खियों में है क्युकी इस दौर में टेक कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। कर्मचारियों के ई-मेल बॉक्स में नौकरी से निकाले जाने के मेल उनके पास पहुंच रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट और गूगल अल्फाबेट जैसी बड़ी कम्पनीस ने हजारों कर्मचारियों को एक झटके में नौकरी से भर निकाल दिया है और वही यह हाल भी मेटा और ऐमज़ान का भी है।

कितने लोग नौकरी गवा चुके है 
इक रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 2022 में करीब 1,00,000 लोगों ने अपनी नौकरी गंवाई थी और 2023 में भी भी यही हाल है अब तक कुछ भी थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। उद्योग जगत में नौकरी पर नजर रखने वाली वेबसाइट जैसे की layoffs.fyi के अनुसार, दो दर्जन से अधिक अमेरिकी टेक कंपनियों ने कहा है कि वे अपने कर्मचारियों की संख्या 10 फीसदी कर देगी या उससे अधिक भी कर सकती है। 
क्या फिर कोविड का है संकट काल   
दुनिया भर की टेक कंपनियां में कर्मचारियों क्यू निकाला जा रहा है इसके ऊपर एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोविड महामारी के समय लगे लॉकडाउन के समय टेक कंपनियां में काफी बड़े लेवल पर हायरिंग हुई थी लेकिन तब  तब माहौल अनुकूल था लेकिन जैसे ही लॉकडाउन की पाबंदिया खत्म हुईं और मार्केट खुले तो  टेक सेक्टर की सेहत बिगड़ने लगी साथ ही  Salesforce के सीईओ मार्क बेनिओफ ने जनवरी 2023 के पहले सप्ताह में ही आठ हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का ऐलान किया था क्युकी मार्क बेनिओफ का कहना था कि लॉकडाउन के समय लोग घर से काम यानि वर्क फर्म होम कर रहे थे इसलिए वजह से कंपनी में टेक्नोलॉजी डिमांड बढ़ रही थी लेकिन जैसे ही लोग वापस दफ्तर जाने लगे तकनीक की मांग बिल्कुल कम हो गई। भारतीय टेक और एडटेक कंपनियां भी कॉस्ट कटिंग में जुट गई है।  यूरोप और अमेरिका में तो मंदी की आशंका की वजह से टेक कंपनियों ने अपने बजट में कटौती की है और पिछले साल के मुकाबले इस साल भारतीय IT कंपनियों ने नई नौकरियों के लिए 10 फीसदी कम विज्ञापन निकाले हैं। 

Leave a Reply

Your email address will not be published.