भारत का पहला इलेक्ट्रिक हाईवे, नितिन गडकरी ने बताया फ्यूचर प्लान

देश में प्रदूषण को कम करने के लिए परिवहन मंत्रालय अनेक योजनाएं बना रही है और अनेक कदम उठा रही है।  हाल ही में सरकार ने FAME-II नीति के तहत सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी देने का ऐलान किया था। इसी क्रम में सरकार एक और योजना कर रही है।

भारत के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक घोषणा की जिसमें उन्होंने कहा की सरकार दिल्ली से मुंबई के बीच एक इलेक्ट्रिक हाईवे शुरू करने के बारे में विचार कर रही है। साथ ही उन्होंने भारी वहाँ के मालिकों से एथानॉल, मेथेनॉल के साथ ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है।

11 जुलाई को हइड्रोलिक ट्रेलर ओनर्स एसोसिएशन द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित कराया गया था,जहाँ मौजूद परिवहन मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा की “हमारी योजना दिल्ली से मुंबई इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने की है। ट्रॉलीबस की तरह आप ट्रॉलीट्रक भी चल सकते है।” उन्होंने आगे यह भी कहा की हमारे सरकारी कर्मचारी 2.5 लाख करोड़ रुपए की सुरंग का निर्माण भी कर रहे है।

आपकी जानकारी के लिए बता दे की E-HIGHWAY जिसमें चलते समय वाहनों को ओवर्हेड पावर लाइन के जरिए वाहनों को बिजली प्राप्त कराई जाती है,जिससे एक डिवाइस से गड़िया चार्ज हो सकती है। जर्मनी जेसे देशों में 2012 से ही एसी ट्रॉली की टेस्टिंग शुरू कर दी गई थी। वही भारत में इसके लिए  दिल्ली से मुंबई तक अलग लेन बनाई जाएगी।

गडकरी ने इस हाईवे के बारे में बताया की 1300 किमी दिल्ली-मुंबई हाईवे अलग से e-हाईवे लाइन बनाई जाएगी, जहाँ ट्रक और बस 120 किमी प्रति घण्टा की रफ्तार से चल सकते है।

अनुमान लगाया जा रहा है की दिल्ली-मुंबई एक्स्प्रेस्वै के अलावा एक और हाईवे दिल्ली-जयपुर एक्स्प्रेस्वै भारत में बन सकता है,मंत्री ने अपने पिछले के एक बयान में कहा था की, “दिल्ली से जयपुर तक एक इलेक्ट्रिक हाईवे बनाना मेरा सपना है। यह अभी भी एक प्रस्तावित परियोजना है। हम एक विदेशी कंपनी के साथ बातचीत कर रहे है।”

गडकरी ने 2016 में ही बता दिया था की भारत में e-हाईवे बना सकते है।