बैन के बाद भी दैनिक इस्तेमाल में प्लास्टिक

भारत में 1 जुलाई से सिंगल-यूज-प्लास्टिक को बैन कर दिया गया था, जिसमे 100 माइक्रान तक के सिंगल-यूज-प्लास्टिक के निर्माण, आयात,  वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इसके बावजूद भी जुलाई का आधा महीना बीतने के बाद भी लोगों का सिंगल-यूज-प्लास्टिक का इस्तेमाल जारी है। थोक बाजारों में भी बैन के बावजूद प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल जारी है।

पहले ये बैन केवल 75 माइक्रान तक था पर अब 100 माइक्रान तक सीमित है। दिसम्बर में एक और परतिबंध लग सकता है जिसमे 125 माइक्रान तक का सिंगल-यूज-प्लास्टिक बैन हो सकता है।

इस दौरान देहरादून जिला प्रशासन ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए की वो एक बार फिरसे जांच करे और प्लास्टिक के इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्यवाही करे,साथ ही नगर निगम में कचरा उठाने वाले वाहनों को जागरूकता फैलाने का आदेश दिया है। हालाँकि, सरकारी दबाव के बावजूद भी सभी विक्रेता इन सभी उत्पादों का इस्तेमाल जारी रखते है।

रेस-कोर्स क्षेत्र में एक किराने की दुकान के मालिक ने बताया ‘निरीक्षण से बचने के लिए वो प्लास्टिक और कपड़ा दोनों के थैले अपने पास रखते है, ग्राहक अपने साथ कोई थैले लेकर नहीं आते है इसे में हर छोटी-छोटी खरीदारी के लिए वो कपड़े के थैले दंगे तो ये उनके लिए बहुत महंगा पड़ेगा जिसकी वजह से वह छोटी खरीदारी के लिए प्लास्टिक के थैले का इस्तेमाल करते है।’ कई दुकानदार ये बहन बनाते है की पिछला स्टॉक खत्म नहीं हुआ है इसी में डीएम अधिकारियों ने कहा की दो सप्ताह के प्रतिबंध के साथ वो अब और सख्त कार्यवाही करेंगे और अब तक पिछला स्टॉक खत्म हो जाना कहिए नहीं भी हुआ होगा तो अब इसे किसी भने के रूप में नहीं लिया जायगा।