पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता के नाम है 12 मुखोटा कंपनियाँ

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दावा किया है की शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी 12 मुखोटा कंपनियाँ चला रही थी। ईडी की शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया की इसका मुख्य उद्देश्य पैसे का हेरफेर करना है।

कुछ दिन पहले ईडी की छापामारी के दौरान अर्पिता मुखर्जी के घर से 21 करोड़ रुपए बरामद हुए थे जिसके बाद से वह ईडी की हिरासत में है और बाद में पुनः अर्पिता के फ्लैट में जांच में कुछ दस्तावेज़ प्राप्त हुए जिनसे पता चला की अर्पित करीब एक दर्जन मुखोटा कंपनी चल रही है।

ईडी को इस मामले में एक फिल्म अभिनेता और तमिलनाडु व ओडिशा के फिल्म हाउस से जुड़े हुए लोगों के शामिल होने का संदेह है। शुरुआती जांच से इस बात के संकेत मिले है की इन कंपनिओ को चलाने का उद्देश्य बड़े पैमाने पर पैसे का हेरफेर करना है।

जांच एजेंसी इस मुद्दे पर ओडिशा व तमिलनाडु के कुछ लोगों पर कड़ी निगाह रखीं हुई है और जल्द ही संदिग्ध लोगों को जांच कर लिए बुलाया जाएगा।