नई शिक्षा नीति 2020

 

भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कुछ बड़े बदलाव हुए हैं जिन्हें नई शिक्षा नीति 2020 का नाम दिया गया है। भारत की प्रथम शिक्षा नीति का गठन 24 जुलाई 1968 में किया गया था जिसमें राष्ट्रीय एकता और समाजवाद का प्रतिबिम्ब मुख्य था। दूसरी बार 1986 में शिक्षा नीति में बदलाव किया गया।उसके बाद 2016 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति पर कार्य करना शुरू किया और लगभग तीन सालों के मेहनत और दूरदर्शिता के बाद नई शिक्षा नीति 2020 का गठन किया गया।
 आइए जानते है नई शिक्षा नीति क्या है और इसके फायदे 
1- इस नीति में रीड टू लर्न यानी किसी भी बच्चे को पहले पढ़ कर सीखने के बजाय अनुभव के आधार पर पहले सीख कर पढ़ने यानी लर्न टू रीड पर ज्यादा जोर दिया गया है। नई शिक्षा नीति में निम्न बदलाव किए गए हैं।
2- नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कुल बजट का 6% लगाने का प्रावधान है।
3- नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरुआती पढ़ाई मातृभाषा और स्थानीय भाषा में देने का नियम बनाया गया है।
4- शिक्षा नीति में दिव्यांगों के शिक्षा लिए तकनीक के उपयोग पर अधिक जोर दिया गया है।
5-नविन शिक्षा नीति के तहत 10+2 के शिक्षा मॉडल के जगह 5+3+3+4 मॉडल में विभाजित करने का प्रावधान है।
6-विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड सिस्टम में बदलाव किये गए हैं जिसमें रिपोर्ट कार्ड को वे स्वयं के आकलन और अपने साथियों के द्वारा मूल्यांकन के आधार तैयार करने का नियम बनाया गया है। इस नई शिक्षा पद्धति में अंग्रेजी को सिर्फ एक भाषा के तौर पर पढ़ाये जाने पर जोर दिया गया है।
7-इस नई नीति में विद्यार्थियों के लिए स्किल डेवलपमेंट तथा इंटर्नशिप का प्रावधान है।
  क्या है इसके फायदे ?

नई शिक्षा नीति के अनेक फायदे हो सकते हैं क्योंकि नई शिक्षा नीति 2020 में मार्कशीट सिस्टम में बड़े बदलाव किए गए हैं तथा कक्षा 6 से ही कोई एक स्किल पर ज्ञान लेने का विकल्प भी है नई शिक्षा नीति के निम्न फायदे हो सकते हैं।

नई शिक्षा नीति के अनुसार छोटे बच्चों को अतिरिक्त भार से मुक्ति मिलेगी और उन्हें प्रारंभिक ज्ञान अपनी मातृभाषा या स्थानीय भाषा में मिलेगी जिसके कारण उनका शुरुआती विकास त्वरित होगा।

इस नई शिक्षा नीति में पढ़ने से ज्यादा सीखने पर जोर दिया गया है ताकि शिक्षार्थी आगे चलकर अपने लिए कोई एक व्यवसाय खड़ा कर सकें।

नई शिक्षा पद्धति के अंतर्गत व्यावसायिक पाठ्यक्रम को कक्षा 6 से ही शामिल किया गया है तथा इंटर्नशिप की भी व्यवस्था है ताकि विद्यालय खत्म होते-होते विद्यार्थी किसी एक कौशल में पारंगत हो सके और अपने लिए आजीविका खोज सकें।

आशा है यह नई शिक्षा नीति 2020 भारत की शिक्षा प्रणाली को और भी आसान और बेहतर बनाने में मदद करे।