आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ तैयार

प्रदेश में मानसून का असर हर जगह दिख रहा है। कही राहत के तरह तो कही कहर के तरह यह बरस रहा है। काफी सारे अलर्ट करने के बाद भी उत्तराखंड में लोगों का आना जाना कम नहीं हुआ ही। कई सैलानियों को बारिश के कारण रास्तों में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मॉनसून के चलते कई हादसे भी देखने और सुनने को मिल रहे है। 
उत्तराखंड पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण आपदा संभावित क्षेत्र है और इसी आपदा को ध्यान में रखते हुए 15वीं वाहिनी, एनडीआरएफ की छह टीमों को गढ़वाल, कुमाऊं में तैनात किया गया है। जो आपदा के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगी। इस प्रत्येक टीम में 35 सदस्य शामिल रहेंगे।
टीम के संबंध में अधिक जानकारी के लिए कमांडेंट सुदेश कुमार दराल  ने राज्य आपदा परिचालन केंद्र के हवाले से बताया की प्रत्येक टीम में एक विशेष प्रकार की क्षमता है, जो कि अलग-अलग प्रकार की आपदाओं से निपटने के लिए सक्षम है। वर्तमान में पुलिस महानिदेशक के अनुरोध पर एनडीआरएफ की एक विशेष टीम को केदारनाथ में भी तैनात किया गया है। टीम की ओर से यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को काफी मदद पहुंचाई जा रही है। यह टीमें अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग एवं आरआरसी झाझरा (देहरादून) में समस्त साजो सामान के साथ तैनात रहेंगी। इसके साथ ही राज्य के 26 विद्यालयों में स्कूल सेफ्टी कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।  अधिक जानकारी के रूप में सुदेश कुमार ने बताया की एनडीआरएफ की ओर से जिलों में आम लोगों को भी आपदा से निपटने के गुर सिखाए जा रहे हैं ताकि वह आपातकालीन स्थिति में स्वयं की मदद कर सके।