पोता IAS बेटे के पास 30 करोड़ की संपत्ति… फिर भी दादा दादी को नहीं मिल रही थी दो वक्त रोटी,  सुसाइड नोट पढ़ रो देंगे आप

हरियाणा कैडर के ट्रेनी IAS विवेक आर्य के दादा दादी ने सुसाइड नोट लिखने के बाद सुसाइड कर लिया. सुसाइड नोट में उन्होंने अपने ऊफर बीत रही लिखी और बताया कि उनके बड़े बेटे के पास 30 करोड़ की संपत्ति है. पोता IAS है फिर उन्हें और उनकी पत्नी को दो वक्त की रोटी नहीं मिल पा रही है.

“मैं जगदीश चंद्र आर्य आपको अपना दुख सुनाता हूं. मेरे बेटे के पास बाढ़ड़ा में 30 करोड़ की संपत्ति है, लेकिन उसके पास मुझे देने के लिए दो वक्त की रोटी नहीं हैं. मैं अपने छोटे बेटे के पास रहता था. 6 साल पहले उसकी मौत हो गई. कुछ दिन उसकी पत्नी ने साथ रखा, लेकिन बाद में उसने गलत काम करना शुरू कर दिया. मैंने विरोध किया तो पीटकर घर से निकाल दिया.  

ये शब्द उस सुसाइड नोट का हिस्सा है जो IAS विवेक आर्य के दादा ने अपनी जान देने से पहले लिखा था. उन्होंने बताया कि वो पहले अपने छोटे बेटे के साथ रहते थे. छोटे बेटे की मृत्यु होने के बाद उसकी पत्नी गलत काम करने लगी थी. जिसका उन्होंने और उनके पत्नी ने विरोध किया. तो बहू ने उन दोनों को घर से बहार निकाल दिया. जिसके बाद से वो दोनों अपने बड़े बेटे के साथ रहने लगे.

आगे लिखा, ”घर से निकाले जाने के बाद मैं दो साल तक अनाथ आश्रम में रहा. फिर वापस आया तो उन्होंने मकान को ताला लगा दिया. इस दौरान मेरी पत्नी लकवा का शिकार हो गई और हम दूसरे बेटे के पास रहने लगे. कुछ दिन बाद दूसरे बेटे ने भी साथ रखने से मना कर दिया और मुझे बासी खाना देना शुरू कर दिया है. ये मीठा जहर कितने दिन खाता, इसलिए मैंने सल्फास की गोली खा ली. मेरी मौत का कारण मेरी दो पुत्रवधू, एक बेटा और एक भतीजा है. जितने जुल्म उन चारों ने मेरे ऊपर किए, कोई भी संतान अपने माता-पिता पर न करे.”

मेरी बात सुनने वालों से प्रार्थना है कि इतना जुल्म मां-बाप पर नहीं करना चाहिए. सरकार और समाज इनको दंड दे. तब जाकर मेरी आत्मा को शांति मिलेगी. बैंक में मेरी दो एफडी और बाढ़ड़ा में दुकान है, वो आर्य समाज बढ़ावा को दे दी जाएं.

बताया गया कि 29 मार्च की रात को जगदीश चंद्र और उनकी पत्नी ने जहरीला पदार्थ खा लिया था फिर पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी दी थी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम को दंपति ने सुसाइड नोट सौंपा था. हालत बिगड़ती देख पुलिस ने दंपति को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था. गंभीर हालत होते के चलते बुजुर्ग दंपति को दादरी सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया था. यहां पर उपचार के दौरान दोनों को मौत हो गई.