महाकुंभ में हादसे के बाद प्रशासन हुआ अलर्ट, डीजीपी ने की स्थिति की समीक्षा

KNEWS DESK, महाकुंभ के मौनी अमावस्या से पहले हुए हादसे के बाद प्रशासन अब अलर्ट मोड में दिखाई दे रहा है। राज्य के शीर्ष अधिकारी स्थिति की गहरी समीक्षा कर रहे हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार खुद प्रयागराज पहुंचे हैं और घटनास्थल की स्थिति का आकलन करेंगे।

डीजीपी ने की तैयारियों पर प्रतिक्रिया

महाकुंभ के डीजीपी प्रशांत कुमार ने आगामी स्नान पर्व की तैयारियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। महाकुंभ के DIG वैभव कृष्ण ने बताया, “बसंत पंचमी के दिन होने वाले मुख्य स्नान पर्व के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। पहले जैसे 29 जनवरी को VIP मूवमेंट की अनुमति नहीं थी, उसी प्रकार 3 फरवरी को भी किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी जाएगी। जगह-जगह ड्यूटी प्वाइंट बनाए गए हैं और भीड़ को व्यवस्थित तरीके से प्रबंधित किया जा रहा है।”

घटना पर न्यायिक जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, “प्रयागराज में हुई घटना को सरकार ने बहुत गंभीरता से लिया है। इसके लिए न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने यह भी बताया कि जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है, जो जल्द ही जांच प्रक्रिया को पूरा करेगी।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बयान

महाकुंभ में भगदड़ की घटना पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सरकार को खुद इस घटना के बाद जिम्मेदारी लेते हुए हट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की दुर्घटनाएं न होनी चाहिए थीं और इसके लिए जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

अखिलेश यादव का बयान

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “अगर सरकार ने बेहतर इंतजाम किए होते, तो महाकुंभ में यह दुर्घटना नहीं होती। जो हुआ है, उसकी जिम्मेदारी सरकार की है। मैं पीड़ितों से मिलने नहीं जाऊंगा, क्योंकि अगर मैंने ऐसा किया, तो भाजपा हमें राजनीति करने का आरोप लगाएगी।” उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में महाकुंभ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की जाएगी।

बसंत पंचमी पर विशेष तैयारी

बसंत पंचमी के दिन सभी अखाड़ों का फिर से अमृत स्नान होगा। इस महत्वपूर्ण पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में जुटा हुआ है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

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