मोदी सरकार महेश तापसे ने साधा निशाना, कहा-2022 में किए गए वादे निभाने में रही विफल सरकार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रवक्ता महेश तापसे ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार 2022 में अपने वादों को निभाने में पूरी तरह से विफल रही है। तापसे ने अपने बयान में कहा, अब हमारे पास 2022 में कुछ ही घंटों का समय बचा है, तो समय आ गया है कि देश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा किए गए वादों पर फिर से विचार करे।

महेश तापसे ने कहा कि 2022 के वादे के अनुसार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 10 प्रतिशत के मुकाबले 6.5 प्रतिशत है। किसानों की आमदनी दोगुनी नहीं हुई है और न ही उन्हें सिंचाई के लिए शत-प्रतिशत मिला है। तापशे ने कहा कि मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2022 में सभी के लिए घर का वादा कहां साकार हुआ है। राकांपा नेता ने पूछा कि कुपोषण का उन्मूलन, 24 घंटे सातों दिन बिजली, सभी ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के साथ-साथ सभी के लिए डिजिटल साक्षरता और पांच हजार अरब (5 ट्रिलियन) डॉलर की अर्थव्यवस्था कुछ ऐसे दावे हैं जो सरकार द्वारा किए गए थे।

बता दें कि तापसे से कहा कि भाजपा सरकार ने 10 लाख करोड़ रुपये के बैंक ऋण के बारे में लिखा है और जिसक प्रमुख रूप से किसानों और छोटे व्यापारियों क्रेडिट का लाभ नहीं मिला। गैर संपार्श्विक यार सुरक्षा ऋण के लिए लघु मध्यम उपक्रम योजना केवल कागजों पर दिखाई दी है। क्योंकि बैंक इन दस्तावेजों पर विचार करने से इनकार करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के आठ साल के कार्यकाल के तहत केंद्र सरकार का उधार 80 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। चालू खाता घाटा बढ़ने के साथ अमेरिकी डॉलर 82 रुपये से ऊपर तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि 2022 में ही करीब दो लाख भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ दी और कहीं दूसरे देशों में अपनी नागरिकता ले ली है। जो की केन्द्र सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने सवाल किया, क्या सरकार के पास वास्तव में विकास और कर्ज चुकाने का रोडमैप (खाका) तैयार है या फिर देश को 2023 में नए जुमलों में फंसाने की तैयारी चल रही है। तापसे ने कहा कि वर्ष 2022 में भाजपा सरकार पूरी तरह से अपने किए हुए वादों को निभाने में विफल रही है।

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