7वीं पुण्यतिथि में जाने कलाम साहब को 

आज यानी 27 जुलाई 2015 को भारत ने अपने एक अनमोल रतन को हमेशा के लिए खो दिया। उनके चाहने वालों के लिए यह आज भी एक बुरा सपना सा है जिसे वह कभी नहीं देखना चाहते थे 
हम बात कर रहे है उस महान व्यक्ति की जिससे शायद ही किसी ने नफरत की हो । आज भारत के 11वें राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की 7वीं पुण्यतिथि है. आज ही के दिन उनका निधन हुआ था
कलाम साहब की पुण्यतिथि पर आज हम उनके बारे में  कुछ खास बातें जानेंगे 
अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को एक तमिल मुस्लिम परिवार में हुआ था।  उनका पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम है. हालांकि नाम लम्बा होने के कारण उन्हें एपीजे 
अब्दुल कलाम के नाम से मुख़्य तौर पर जाना जाता है।
उनका जन्म बहुत गरीब परिवार में हुआ था और अपने परिवार को सपोर्ट करने के लिए, कलाम अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान समाचार पत्र बांटते थे
वह जुलाई 1992 से दिसंबर 1999 तक प्रधानमंत्री के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के सचिव थे. पोखरण-2 न्यूक्लियर टेस्ट इस अवधि के दौरान किए गए थे. जिसमें उन्होंने एक इम्पोर्टेन्ट पोलिटिकल और टेक्निकल भूमिका निभाई थी
एपीजे अब्दुल कलाम ने हमारे देश के 11वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था. उन्होंने 2002 के राष्ट्रपति चुनाव में लक्ष्मी सहगल के खिलाफ चुनाव में 9,22,884 वोट प्राप्त करके जीत हासिल की थी. उनका कार्यकाल 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक रहा था.
कलाम जी को राष्ट्रपति बनने से पहले ही भारत रत्न मिल गया था  वह हमेशा अपने सरल एवं साधारण व्यवहार के लिए प्रसिद्ध रहे . मुस्लिम होने के कारण इन्हें दुसरे मुल्क ने अपने मुल्क में बुलाया, लेकिन देश के प्रति प्रेम के कारण उन्होंने कभी देश को नहीं त्यागा .इन्हें देश के एक सफल राष्ट्रपति के तौर पर देखा गया था, उन्होंने देश के युवा को समय- समय पर मार्गदर्शन दिया . उन्होंने अपने उद्योग एवं अपनी किताबों के जरिये युवा को मार्गदर्शन दिया 
आपको जानकर हैरानी होगी कि एपीजे अब्दुल कलाम को देश-विदेश के 48 विश्वविद्यालयों और संस्थानों से डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिली थी 
दो नेताओं को भारतीय बच्चों का चहेता बताया जाता है. लोग प्रधानमंत्री नेहरू को चाचा नेहरू के रूप में जानते थे. वहीं, कलाम ऐसे राष्ट्रपति थे जो बच्चों के बीच बहुत फेमस थे एपीजे अब्दुल कलाम को अपना समय बच्चों के बीच बिताना बहुत पसंद था
27 जुलाई 2015, शिलांग IIM में एक कार्यक्रम में गए APJ अब्दुल कलाम की अचानक कार्डियक अरेस्ट से मौत हुई थी. कार्यक्रम में मौजूद उनके एक सहयोगी ने बताया कि उनके आखिरी शब्द थे- ‘फनी गाएज, आर यू डूइंग वेल?
आज भले ही अब्दुल कलाम साहब हमारे बीच नहीं है लेकिन वह हमेशा इस देश की शान रहेंगे ।