तेजस से लेकर चंद्रयान तक, बड़े भारत के कदम 75 साल में

वर्षों तक ब्रिटिश शासन का गुलाम रहा भारत, आजादी के समय आर्थिक रूप से कमजोर था। धीरे-धीरे भारत के कदम बड़े और आज भारत आर्थिक रूप से काफी सशक्त हुआ है, साथ ही विज्ञान-तकनीक और सामरिक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ा है।

§  1950- देश के लिए संविधान का निर्माण किया गया। यह देश को समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतान्त्रिक गणराज्य बनाता है। अंग्रेजों की गुलामी से आजाद होने के बाद संविधान ने नागरिकों को अपने हाथों से सरकार चुनने की आजादी दी।

§  1952- पहली बार देश में लोकसभा चुनाव हुआ था। जिसमें करीब-करीब 17 करोड़ लोगों ने मतदान किया था।

§  1954- अमेरिका, रूस जैसे देश परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे थे। भारत ने भी आजादी के दस साल पूरे होने से पहले ही इस क्षेत्र में दस्तक दे दी। मुंबई के ट्रांबे में परमाणु ऊर्जा संस्थान की स्थापना हुई। यहाँ पर काम कर रहे संयत्र परमाणु ऊर्जा से लेकर उसका शांतिपूर्ण प्रयोग सुनिश्चित करते है। बाद में इसे भाभा परमाणु रिसर्च सेंटर का नाम दे दिया गया।

§  1974- भारत का पहला परमाणु परीक्षण 18 मई,1974 में हुआ। इसे स्माइलिंग बुद्ध का नाम दिया, इसने भारत को शांति सम्पन्न देश के रूप में स्थापित किया।

§  1975-  इसरो ने देश का पहला भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट अंतरिक्ष में छोड़ा। इस स्वदेशी उपग्रह को रूस के वॉलगोग्राड लॉन्च स्टेशन से लॉन्च किया गया। प्रसिद्ध भारतीय खगोलवाद आर्यभट्ट के नाम पर इसका नाम रखा गया था। इसमें लगभग तीन करोड़ रुपए लगे थे। इसके बाद से भारत विश्व के उन देशों में शामिल हुआ जिनके पास अपना उपग्रह था।

§  1984- देश के लिए यह सबसे बड़ा गर्व का क्षण था जब भारत का नागरिक अंतरिक्ष में गया। दो अन्य यात्रियों के साथ राकेश शर्मा ने पहली बार अंतरिक्ष में अपने कदम रखे थे। उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब उनसे पूछा की अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है तो उन्होंने कहा था की “सारे जहां से अच्छा”। भारत ने उन्हे अशोक चक्र से सम्मानित किया था।

§  2001- 1980 में एचएएल ने लाइट काम्बैट एयरक्राफ्ट पर काम शुरू किया था और करीब 2 दशक बाद इसने अपनी पहली ऐतिहासिक उड़ान भरी।

§  2008- इस वर्ष इसरो ने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल करी थी। अक्तूबर में भारत ने चंद्रमा पर अपना पहला मानव रहित यान भेजा। यह चंद्रयान अपने पहले ही प्रक्षेपण में चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया।

§  2013- भारत ने मंगल को अपना यान रवाना किया। 2014 में यान के मंगल पर प्रवेश के साथ भारत दुनिया का चौथा देश बना जिसने यह उपलब्धि हासिल की। इस अभियान में करीब 450 करोड़ रुपए लगे, जो की अमेरिका, रूस और यूरोप से कई गुना कम है।

§  2016- लड़ाकू विमान चलाने वाली महिला विमान चालकों के रूप में तीन महिला पायलट वायु सेना में शामिल हुई। जो की महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी। भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहाना सिंह इसमें शामिल हुई।

§  2017- इस वर्ष इसरो ने फिर से नया इतिहास रच डाला। इसरो ने एक साथ 104 उपग्रहों को एक साथ अंतरिक्ष में भेजने का रिकार्ड बना डाला। इससे पहले रूस ने 37 उपग्रहों को भेजकर रिकार्ड बनाया था, जिसको इसरो ने तोड़ा। और नया रिकार्ड बनाकर अपने नाम किया।

§  2022- आत्मनिर्भर भारत अभियान की बड़ी सफलता में इस साल भारत की नौसेना को उसका दूसरा एयरक्राफ्ट विक्रांत मिला। यह एयरक्राफ्ट कैरियर 74 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक से बना है।