अरबपति अनिल अग्रवाल को NCLAT से झटका, वीडियोकॉन समूह के अधिग्रहण पर लगी रोक

अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने बड़ा झटका दिया है। दरअसल, NCLAT अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली ट्विन स्टार टेक्नोलॉजीज की वीडियोकॉन समूह के अधिग्रहण के लिए सफल बोली को रद्द कर दिया है।

ये है वजह

कुछ ऋणदाताओं की याचिका पर NCLAT ने यह फैसला सुनाया है। इन ऋणदाताओं का कहना था कि वीडियोकॉन समूह के अधिग्रहण के लिए जो पेशकश की गई है उससे उन्हें भारी-भरकम 62,000 करोड़ रुपये की राशि का नुकसान होगा। दरअसल, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने अधिग्रहण के लिए सफल बोली को रद्द करने का आदेश दिया था। इसके बाद ट्विन स्टार टेक्नोलॉजीज ने NCLAT को याचिका दायर की। इस याचिका में बोली को अनुमति देने का आदेश देने की अपील की गई थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है।

वीडियोकॉन पर 64,637.6 करोड़ का बकाया

एनसीएलएटी ने वीडियोकॉन को कर्ज देने वाले ऋणदाताओं या बैंकों से कहा है कि वे इसकी बिक्री की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करें। वीडियोकॉन टिकाऊ उपभोक्ता सामान विनिर्माता कंपनी है और यह एयर कंडीशनर से लेकर वॉशिंग मशीन तक बनाती है। ऋणदाताओं को वीडियोकॉन से 64,637.6 करोड़ रुपये के बकाया की वसूली करनी है।

एनसीएलएटी का यह आदेश वीडियोकॉन समूह के दो ऋणदाताओं बैंक ऑफ महाराष्ट्र और आईएफसीआई लि. की याचिकाओं पर आया है। इन याचिकाओं में एनसीएलटी के वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के साथ समूह की 12 और कंपनियों के लिए ट्विन स्टार टेक्नोलॉजीज की बोली को मंजूरी देने के आदेश को चुनौती दी गई थी।

इससे पहले नौ जून को एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने कर्ज के बोझ से दबे समूह के लिए ट्विन स्टार टेक्नोलॉजीज की 2,962 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दी थी। जहां ज्यादातर ऋणदाता टि्वन स्टार टेक्नोलॉजीज की 2,962.02 करोड़ रुपये की बोली से सहमत थे, वहीं बैंक ऑफ महाराष्ट्र और आईएफसीआई ने इसका विरोध किया था।