Air india: विनिवेश के खिलाफ सुब्रमण्यम स्वामी, टाटा द्वारा अधिग्रहण रोकने के लिए पहुंचे हाई कोर्ट

भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया को रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इतना ही नहीं उन्होंने एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया में आगे किसी भी फैसले या मंजूरी को रद्द करने से जुड़े दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की है।  मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ मंगलवार को स्वामी की याचिका पर सुनवाई कर सकती है।

अनुमति को रद्द करने का किया अनुरोध

राज्यसभा सदस्य स्वामी ने मौजूदा एयर इंडिया विनिवेश प्रक्रिया के संबंध में अधिकारियों द्वारा किसी भी अग्रिम कार्रवाई या निर्णय या अनुमोदन अथवा अनुमति को रद्द करने का अनुरोध किया है। सुब्रमण्यम स्वामी ने अधिवक्ता सत्य सबरवाल के जरिए दायर याचिका में अधिकारियों की भूमिका और कार्यशैली की सीबीआई जांच कराने और इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करने का भी अनुरोध किया है।

कर्ज चुकाने का प्रस्ताव दिया

गौरतलब है कि  25 अक्तूबर 2021 को सरकार ने 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया की बिक्री के लिए टाटा संस के साथ शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। टाटा ने एयर इंडिया की खरीद के लिए 2,700 करोड़ रुपये नकद और एयरलाइन के कर्ज के 15,300 करोड़ रुपये का चुकाने का प्रस्ताव दिया है। 31 अगस्त तक एयर इंडिया पर कुल 61,562 करोड़ रुपये का कर्ज था। घाटे में चल रही एयरलाइन को टाटा समूह को सौंपने से पहले इस कर्ज का 75 प्रतिशत या 46,262 करोड़ रुपये एआईएएचएल को हस्तांतरित किया जाएगा।

सुब्रमण्यम स्वामी ने क्या कहा

जब दो साल पहले सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश का ऐलान किया था तब से ही सुब्रमण्यम स्वामी इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने सरकार के ऐलान के साथ ही ट्वीट किया था, “यह डील पूरी तरह से देश हित में नहीं है। ऐसा करके मुझे कोर्ट जाने पर मजबूर किया जा रहा है। हम अपने परिवार के सदस्य को इस तरह से बेच नहीं सकते।”