Paush Amavasya 2022 : पौष अमावस्या आज, जानें पूजा- विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार पौष का महीना चल रहा है। हर माह में एक बार अमावस्या तिथि पड़ती है। अमावस्या का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व होता है। अमावस्या तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। ऐसे में इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण भी किया जाता है। अमावस्या तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है।

मुहूर्त

पौष, कृष्ण अमावस्या प्रारम्भ – 03:41 ए एम, जनवरी 02

पौष, कृष्ण अमावस्या समाप्त – 12:02 ए एम, जनवरी 03

पूजा- विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इस दिन पवित्र नदी या सरवोर में स्नान करने का महत्व बहुत अधिक होता है। आपघर में ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं।
  • स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • अगर आप उपवास रख सकते हैं तो इस दिन उपवास भी रखें।
  • इस दिन पितर संबंधित कार्य करने चाहिए।
  • पितरों के निमित्त तर्पण और दान करें।
  • इस पावन दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।
  • इस पावन दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है।
  • इस दिन विधि- विधान से भगवान शंकर की पूजा- अर्चना भी करें।

पौष अमावस्या का महत्व

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पौष अमावस्या का बहुत अधिक महत्व होता है।
  • इस पावन तिथि पर पितर संबंधित कार्य करने से पितरों का आर्शीवाद प्राप्त होता है।
  • इस पावन दिन दान करने से कई गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है।