नीति आयोग के स्वास्थ्य सूचकांक में उत्तर प्रदेश फिसड्डी, अखिलेश ने सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ । निति आयोग  के चौथे स्वास्थ्य सूचकांक  में उत्तर प्रदेश सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। रैंकिंग के अनुसार, बड़े राज्यों में सभी मानकों पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में केरल को सर्वोच्च स्थान मिला है जबकि उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर है। चौथे स्वास्थ्य सूचकांक में 2019-20 की अवधि को ध्यान में रखा गया है।
अखिलेश बोले- ये है यूपी की भाजपा सरकार की सच्ची रिपोर्ट
उधर नीति आयोग की इस रिपोर्ट के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हमलावर हो गए हैं। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ‘नीति आयोग के ‘हेल्थ इंडेक्स’ में स्वास्थ्य और चिकित्सा के मामले में यूपी सबसे नीचे! ये है यूपी की भाजपा सरकार की सच्ची रिपोर्ट। दुनियाभर में झूठे विज्ञापन छपवाकर सच्चाई बदली नहीं जा सकती।’
‘यूपी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा…’
अखिलेश ने आगे लिखा, ‘यूपी की सेहत खराब करनेवालों को जनता बाइस में जवाब देगी। यूपी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा…’। उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले आई नीति आयोग की यह रिपोर्ट राज्य में अगले महीने से ही शुरू होने वाले चुनावी अभियान में बड़ा मुद्दा बन सकते हैं।
सिर्फ एक मामले में उत्तर प्रदेश है आगे
नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वास्थ्य के मानकों पर तमिलनाडु और तेलंगाना क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सुधार के नजरिए से देखें, तो उत्तर प्रदेश ने सबसे ऊंचा स्थान हासिल किया है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने आधार वर्ष (2018-19) से संदर्भ वर्ष (2019-20) तक सर्वाधिक वृद्धि परिवर्तन दर्ज की है।

दिल्ली और जम्मू-कश्मीर भी फिसड्डी

छोटे राज्यों में मिजोरम ने सर्वोच्च स्थान पाया है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिल्ली और जम्मू कश्मीर ने सभी मानकों पर निचला स्थान प्राप्त किया और सुधार के नजरिए से सबसे ऊंचा स्थान प्राप्त किया।