शव दफनाने को लेकर दो पक्ष आए आमने-सामने

चंदौली: थाना क्षेत्र के बरांव गांव में शुक्रवार को शव दफनाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। सूचना पाकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा तथा इलिया, चकिया, शहाबगंज की पुलिस मौके पर पहुंच गई। वही दोनों पक्षों से वार्ता कर विवाद को हल कराया गया। वही पुलिस बल की मौजूदगी में जलील धोबी के शव को 36 घंटे बाद कब्रिस्तान में दफनाया गया।

साईं बंधुओं कहकर शव को कब्रिस्तान में दफनाने से रोक

बरांव गांव निवासी 85 वर्षीय जलील धोबी की गुरुवार की रात मौत हो गयी थी। शुक्रवार की सुबह परिजन गांव स्थित कब्रिस्तान पर शव दफनाने पहुंचे। इसकी भनक लगते ही काफी संख्या में अंसारी व साईं बंधु पहुंचकर शव को दफनाने से रोक दिया। अंसारी तथा साईं बंधुओं यह कहकर शव को कब्रिस्तान में दफनाने से रोक दिया। दलील दिया कि कब्रिस्तान में अंसारी तथा दूसरे में साईं जाति के लोगों का ही शव दफनाया जाएगा। दो पक्षों में तकरार बढ़ता देख ग्राम प्रधान ने पुलिस को सूचना दी।

जाति किसी विशेष की नहीं होती

मामले की जानकारी होते ही थानाध्यक्ष अमित कुमार दल बल के साथ मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से वार्ता कर मामले को हल कराना चाहा लेकिन अंसारी व साईं बंधु राजी नहीं हुए। दोपहर में पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा ने अंसारी व साई बंधुओं को बुलाकर समझाया कि कब्रिस्तान किसी एक जाति विशेष का नहीं होता, बल्कि पूरे मुस्लिम समुदाय का होता है। काफी समझाने बुझाने के बाद मामला शांत होने पर शव को दफन कराया।