ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन शातिर गिरफ्तार

औरैया: ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन शातिर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उनके पास से नकदी और मंहगे मोबाइल बरामद हुए हैं। पुलिस गिरोह के सरगना का पता लगाने में जुटी है। एसपी ने बताया कि ऑनलाइन ठगी करने वाले इन अभियुक्तों द्वारा पिछले तीन माह में विभिन्न खातों के माध्यम से 40 से 50 लाख रुपये की ठगी की गई।

मोबाइल पर भेजते थे लिंक

जिले में पिछले काफी दिनों से ऑनलाइन ठगी के मामलों की शिकायतों को लेकर एसपी अभिषेक वर्मा ने पुलिस टीमों के साथ सर्विलांस को सक्रिय किया था। ठगों तक पहुंचने के लिए पुलिस काफी दिन से काम कर रही थी। इसी बीच मथुरा जिले के थाना गोवर्धन क्षेत्र के देवसेरस निवासी त्रिवेंद्र शर्मा उर्फ तरन, कंचनपुरा थाना गोवर्धन निवासी नरेश व मुडसेरस थाना गोवर्धन निवासी लोकेश उर्फ कलुआ पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने इन्हें सर्विलास की मदद से औरैया के डीपीएस स्कूल फफूंद रोड से पकड़ा है।

एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के लोग किसी को ठगने के लिए फोन करके उसे बातों ही बातों में फंसाकर ठगी का शिकार बनाते थे। यह लोग कई लुभावने वादे भी करते थे। इसके बाद वे मोबाइल पर एक लिंक भेजते थे, जिसे खोलते ही लोगों के खाते से रुपये कट जाते थे।

ये हुए ठगी का शिकार

पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि वह 22 नवंबर को बदायूं निवासी अमन कुमार विमल के खाते से 94 हजार रुपये, 18 नवंबर को बागपत निवासी मनोज कुमार के खाते से 21 हजार पांच सौ रुपये, 23 नवंबर को अलीगढ़ निवासी रोहित नायक के खाते से 35 सौ रुपये, 14 अक्तूबर को मैनपुरी निवासी पूनम तिवारी के खाते से 50 हजार रुपये, 30 अक्तूबर को नजफगढ़ दिल्ली निवासी सुशील कुमार के खाते से पांच हजार रुपये, 18 अक्तूबर को बसरेहर इटावा निवासी शिवराज शाक्य के खाते से 17 हजार पांच सौ रुपये, 22 नवंबर को शमशाबाद आगरा निवासी मुकेश के खाते से दो लाख 30 हजार रुपये पार कर दिए थे।

ये हुई बरामदगी

पुलिस ने ठगों के पास से नौ हजार सात सौ 70 रुपये नकद के अलावा एक बिना नंबर की कार, एक लाख रुपये कीमत का एप्पल 12 प्रो फोन के अलावा अन्य कंपनियों के सात फोन व कई फर्जी आईडी कार्ड व आईडी कार्ड से प्राप्त सिमकार्ड बरामद की है।

असम निवासी व्यक्ति के फर्जी सिम से करते थे फोन

गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि ऑनलाइन ठगी करने के लिए असम से वहां के किसी व्यक्ति के नाम का सिम एक से दो हजार रुपये में मंगाकर उसी से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। जिससे शिकायत के बाद जब फोन नंबर की जांच की जाती थी तो आईडी कॉलर पर असम का पता दिखाता था।