खाने का तेल हुआ सस्ता, सरकार ने लिया ये फैसला

केंद्र सरकार ने आज जनता के हित में बड़ा फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी के साथ पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल की कच्ची किस्मों पर मार्च 2022 तक कृषि सेस को हटा दिया है।

इन राज्यों को लिखआ पत्र

दरअसल, त्योहारी सीजन में कुकिंग ऑयल की बड़ी कीमतों पर थोड़ी लगाम लगेगा और घरेलू उपलब्धता बढ़ाने में मदद होगी। केंद्र सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने यह पत्र राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों को लिखा है।

शुल्क में हुइ कटौती

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने एक अधिसूचना में कहा कि शुल्क में कटौती 14 अक्टूबर से प्रभावी होगी। ऐसे में वह 31 मार्च 2022 तक लागू रहेगी। कच्चे पाम तेल पर अब 7.5 प्रतिशत का कृषि अवसंरचना विकास उपकार लगेगा। जबकि सोयाबीन तेल और सूरजमुखी ऑयल के लिए यह दर 5 प्रतिशत रहेगी।

इसको लेकर सीबीआईसी ने बताया है कि कमी के बाद पाम, सूरजमुखी और सोयाबीन के तेल पर कस्टम ड्यूटी शुल्क क्रमशः 8.25 प्रतिशत, 5.5 प्रतिशत और 5.5 प्रतिशत होगा। इसके अलावा तेलों की परिष्कृत किस्मों पर मूल सीमा शुल्क वर्तमान में 32.5 प्रतिशत से घटाकर 17.5 प्रतिशत कर दिया गया है।

20 रुपये तक घटेंगे भाव

खाद्य तेल के भाव में कमी आने के बाद खाद्य महंगाई में भी कमी आने की उम्मीद है। केंद्र सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी में राहत दिए जाने के बाद खाद्य तेलों के भाव में 15 से ₹20 प्रति लीटर की कमी आ सकती है।

सरकारी नीति में बदलाव

आरबीडी पामोलिन और आरबीडी पाम तेल का आयात जुलाई 2021 से 31 दिसंबर, 2021 तक के लिए प्रतिबंधित से मुक्त कैटेगरी में हो गया है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा, “पिछले कुछ महीनों में देश में खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों पर अंकुश के लिए भारत सरकार द्वारा खाद्य तेलों पर आयात शुल्क की नीति में लगातार बदलाव किए गए हैं।”