World arthritis day: बचें इन चीज़ो से, जोड़-हड्डियां कर देंगी डैमेज

आर्थराइटिस (गठिया) जोड़ों में दर्द या इन्फ्लेमेशन की एक जटिल समस्या है। 40 प्रतिशत पुरुष और 47 प्रतिशत महिलाएं अपने जीवनकाल में आर्थराइटिस का शिकार होती हैं। इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए हर साल 12 अक्टूबर को वर्ल्ड आर्थराइटिस-डे सेलिब्रेट किया जाता है।

रहें इन चीजों से दूर

ग्लूटन युक्त फूड

गेहूं, जौ और जई जैसे अनाज में ग्लूटेन नाम का एक प्रोटीन होता है. इस प्रोटीन में कई तरह के तत्व पाए जाते हैं. इसमें ग्लाइडिन नाम का भी एक तत्व होता है, जो कुछ लोगों के शरीर को नुकसान पहुंचाता है. ग्लूटन भी इन्फ्लेमेशन की समस्या बढ़ाता है, इसलिए डॉक्टर रहेयूमेटॉइड आर्थराइटिस से बचने. के लिए ग्लूटन-फ्री डाइट लेने की सलाह देते हैं.

रेड मीट

कुछ स्टडी में दावा किया गया है कि रेट मीट और प्रोसेस्ड मीट इन्फ्लेमेशन के लिए जिम्मेदार होते हैं, जो आर्थराइटिस के लक्षणों को बदतर कर सकते हैं. 25,630 पर हुई एक स्टडी में दावा किया गया है कि रेड मीट का ज्यादा सेवन इन्फ्लेमेटरी आर्थराइटिस का खतरा बढ़ा सकता है।

हाई शुगर

डॉक्टर्स कहते हैं कि आर्थराइटिस के रोगियों को अपने खान-पान में शुगर की मात्रा को बैलेंस रखना चाहिए. कैंडी, सोडा, आइसक्रीम या सॉस जैसे किसी भी ‘ऐडड शुगर’ फूड्स को खाने से बचें. 217 लोगों पर हुए एक अध्ययन में शुगर युक्त 20 ऐसी चीजों की पहचान की गई थी जो रहेयूमेटॉइड आर्थराइटिस का जोखिम बढ़ाती है।

अत्यधिक नमक

एक्सपर्ट कहते हैं कि आर्थराइटिस में नमक की संतुलित मात्रा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. कैन सूप, पिजा, चीज़ या प्रोसेस्ड मीट जैसे खाद्य पदार्थों में नमक की अत्यधिक मात्रा होती है. चूहों पर 62 दिन तक हुई एक स्टडी के मुताबिक, संतुलित मात्रा में नमक रहेयूमेटॉइड आर्थराइटिस का खतरा कम करता है।

सब्जियों का तेल

ओमेगा-6 फैट में हाई और ओमेगा-3 फैट में लो डाइट भी ऑस्टियोआर्थराइटिस और रहेयूमेटॉइड आर्थराइटिस के मामले में खतरनाक हो सकती है. शरीर के लिए ये दोनों ही फैट बहुत जरूरी हैं, लेकिन बहुत सी वेस्टर्न डाइट में ओमेगा-6 और ओमेगा-3 का रेशियो इम्बैलेंस इन्फ्लेमेशन के लिए जिम्मेदार हो सकता है. इसलिए जब आप मछली से मिलने वाले ओमेगा-3 फैट का सेवन करें तो उस वक्त वेजिटेबल ऑयल में मौजूद ओमेगा-6 फैट से परहेज करना चाहिए।