RBI ने नहीं बदला रेपो रेट, आने वाले दिनों में मिल सकती है महंगाई से राहत

रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में देश की मौद्रिक नीति तय करने वाले RBI ने अपने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। आठवीं बार ब्याज दरों में कोई कमी नहीं की गई है। रेपो रेट 4% और रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर स्थिर है। इस फैसले से अभी और सस्ते होम लोन की उम्मीदें टूट गई हैं। गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि खाद्यान्नों के रिकॉर्ड उत्पादन के कारण आने वाले महीने में खाद्य मुद्रास्फीति कम बने रहने की उम्मीद है।

महंगाई को दायरे में रखना लक्ष्य

गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि MPC ने 5-1 ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने का फैसला किया। कोविड से उबर रही अर्थव्यवस्था में वृद्धि को बनाए रखने और महंगाई को सीमित दायरे में रखने के लक्ष्य से ये फैसला किया गया।

रिजर्व बैंक का अनुमान है कि, देश में महंगाई की दर 2021-22 मे. 5.1% रहेगी. ये उसके पिछले अनुमान 5.7% से कम है। इसी तरह खुदरा मुद्रास्फीति (CPI-Retail Inflation) चालू वित्त वर्ष 2021-22 में 5.3% रहेगी।

जबकि जुलाई -सितंबर तिमाही में खुदरा महंगाई के 5.9% की जगह 5.1% पर रहने और अक्टूबर-दिसंबर में 5.3% के बजाय 4.5% पर रहने की उम्मीद है। जनवरी-मार्च में ये 5.8% पर रह सकती है।

9.5% रहेगी जीडीपी ग्रोथ

इसी के साथ रिजर्व बैंक ने देश की जीडीपी ग्रोथ को लेकर अपने अनुमान में भी कोई बदलाव नहीं किया है। केंद्रीय बैंक का मत है कि ये 9.5% के स्तर पर बनी रहेगी।

MPC ने जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमान को संशोधित करते हुए 7.3% के बजाय 7.9% कर दिया है। वहीं अक्टूबर- दिसंबर में इसके 6.3% के बजाय 6.8% और जनवरी-मार्च में 6.1% की दर से बढ़ने का अनुमान है। इसी के साथ रिजर्व बैंक ने IMPS के माध्यम से होने वाली पेमेट की लिमिट को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है।

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