डायबिटीज रोगियों के लिए वरदान हो सकता है ये जूस, 15 मिनट में कम होगा शुगर लेवल

हमारे शरीर का ब्लड प्रेशर लेवल दिन में कई बार बदलता है। इसे कंट्रोल रखना बहुत जरूरी है। खासतौर से डायबिटीज रोगियों को तो इस मामले में ज्यादा सतर्क रहना पड़ता है। डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर (हाइपरग्लाइसीमिया) की समस्या में इंसान को बहुत प्यास लगती है। डायबिटीज (Diabetes) के मरीजों के लिए जरूरी है कि, वे नियमित रूप से ब्लड शुगर लेवल की जांच कराएं और इसे कंट्रोल में रखें।

कितना होना चाहिए शुगर लेवल

खाने से पहले आपका ब्लड शुगर लेवल 4.0 to 5.9 mmol/L रहना चाहिए। हालांकि जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है और जिन्हें टाइप 1, टाइप 2 डायबिटीज है या कोई बच्चा डायबिटीज की बीमारी से ग्रस्त है, तो शुगर लेवल 4 to 7 mmol/L तक रह सकता है।

ज्यादातर लोगों के लिए खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल 7.8 mmol/L के अंदर होना चाहिए। वहीं टाइप टू डायबिटीज के मरीजों के लिए ये 8.5 mmol/L के अंदर और टाइप 1 डायबिटीज से ग्रस्त मरीजों के लिए ये 5 to 9 mmol/L के अंदर होना चाहिए।

पियें अनार का जूस

एक ग्लास अनार का जूस हाई ब्लड शुगर लेवल को 15 मिनट में कम कर सकता है।  इसके अलावा, अनार में काफी कम मात्रा में कार्ब्स होती है। 100 ग्राम अनार में केवल 19 ग्राम कार्ब्स होती है। कार्बोहाइड्रेट के जल्दी मेटाबलाइज्ड होने की वजह से ब्लड शुगर लेवल तुरंत हाई हो जाता है, इसीलिए डायबिटीज रोगियों को लो कार्ब्स फूड्स खाने की सलाह दी जाती है। अनार का अनुमानित ग्लाइसेमिक लोड (जीएल) 18 है, जो इसे ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने के लिए एक बेहतरीन फल बनाता है।

डायबिटीज में क्यों खास है अनार?

अनार में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसमें ग्रीन टी और रेड वाइन के लगभग तीन गुना एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। ये ऑक्सीडेंट्स डायबिटीज जैसी बीमारी या फ्री रेडिकल्स से होने वाली डैमेज से लड़ते हैं। अनार के बीज इंसुलिन सेंसिटिविटी को दुरुस्त करते हैं, जो डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद है।