पहला दिन मां शैलपुत्री का, करें इन मंत्रो का जाप

मां दुर्गा की उपासना का त्योहार, नवरात्रि आज यानी 07 अक्टूबर से प्रारंभ हो गई है। शारदीय नवरात्रि 14 अक्टूबर को समाप्त होंगे, इसके अगले दिन यानी 15 अक्टूबर को दशहरा या विजयादशमी का त्योहार मनाया जाएगा। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है।

पहला दिन मां शैलपुत्री का

मां दुर्गा की उपासना के नौ दिनों में माता के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। मां शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। मान्यता है कि मां शैलपुत्री की जो भी श्रद्धालु पूरी श्रद्धा, आस्था और सच्चे मन से पूजा करता है, मां शैलपुत्री उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और उन्हें मनवांछित फल देती हैं।

मां शैलपुत्री को गाय के दूध से बनी चीज का भोग लगाएं

मां शैलपुत्री की पूजा के लिए गाय के दूध से बने पदार्थों का भोग लगाएं और मां शैलपुत्री को फलों में अनार सबसे प्रिय है, इसीलिए भक्त मां शैलपुत्री को पहले दिन यह फल अर्पित कर सकते हैं।

इन मंत्रो का करें जाप

  1. ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:।
  2.  ॐ शं शैलपुत्री देव्यै: नम:।

इन मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का जाप जरूर करें। पूजा के बाद मां शैलपुत्री के मंत्र का जाप कम से कम 108 बार जरूर करें।