हाय रे व्यवस्था, यहाँ डाक्टर नहीं सफाईकर्मीं कराती हैं प्रसव!

स्टिंग में हुआ खुलासा, तय हैं सब रेट

अंबेडकरनगर- जनपद में स्वास्थय व्यवस्थाओं पर बड़े बड़े दावे करने वाले जिले के चिकित्साधिकारियों व सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र प्रबंधन की पोल उस वक्त खुल गई जब मीडिया द्वारा किये गये स्टिंग में  महिला डाक्टर की जगह सफाई कर्मचारी प्रसव करातीं नजर आईं। जिले के अस्पतालों के हालात क्या हैं, किस तरह से आम मरीज को भी गंभीर हालत में बताकर उसे निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया जाता है और फिर  कैसे उस प्रसव पीड़ा की मार झेल रही मरीज को व्यवस्था में बैठे हुये ये डाक्टर रूपी भगवान लूट लेते हैं इसकी पोल मीडिया के इस स्टिंग ने खोलकर रख दी है। मीडिया को दी गई जानकारी में महिला सफाई कर्मी ने खुद बताया कि सब मामला सेट है यहाँ प्रसव करायेंगे तो 7 हजार लगेंगे और मैडम के निजी अस्पताल में करायेंगे तो 25 हजार लगेंगे।

डाक्टर रखती हैं प्राइवेट कर्मचारी

सरकार ने वैसे तो चिकित्सा व्यवस्था में सेवा हेतु डॉक्टरों की तैनाती कर रखी है, लेकिन सरकार से लाखों रूपये तक सैलरी पा रहे डॉक्टर अपने कर्तव्य से पीछे हट कर किस तरह स्वास्थय सेवाओं का मखौल उड़ा रहे हैं इसका खुलासा हुआ जनपद के बसखारी स्वास्थय केन्द्र में। जहाँ पर तैनात डॉक्टर रजनी सचान न सिर्फ अपने साथ प्राइवेट कर्मचारी रखतीं हैं, बल्कि इन अप्रशिक्षित कर्मचारियों के माध्यम से वो वसूली भी करती हैं। सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी द्वारा प्रसव कराने का वीडियो वायरल होने के बाद वहाँ कि हकीकत जानने मीडिया बसखारी स्वास्थय केन्द्र पहुँची तो वही सफाई कर्मचारी वहाँ पर उस वक्त भी प्रसव कराती नजर आई। जब उससे डाक्टर को बुलाने के लिये कहा गया तो उसने कहा कि डॉक्टर रचना सचान ने कहा कि यहाँ जो भी व्यवस्था है मेरी है।

स्टिंग पर क्या बोले जिम्मेदार

इस पूरे स्टिंग में जब संवाददाताओँ ने सीएचसी प्रभारी डॉ विजय बहादुर से बात की तो उन्होने कहा कि यहाँ जितने भी डॉक्टर सब 5- 6 प्राइवेट कर्मी लेकर आते हैं, मैने जब इसे रोकने की कोशिश की कोई मेरी बात मानने को तैयार ही नहीं हुआ और पूरा स्टाफ मेरे सुझाव से कन्नी काट गया। यहाँ कोई साथ नहीं देता। बहरहाल जो भी है व्यवस्था की हालत खराब है बड़े अधिकारियों को एक्शन लेकर इसे ठीक करने का प्रयास करना चाहिये।