हरिद्वार के पुस्तकालयों का रेकार्ड नहीं मिला तो होगी सीबीआई जांच

हाईकोर्ट ने हरिद्वार में पुस्तकालय निर्माण में गड़बड़ी के आरोप संबंधी जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार से पुस्तकालय के टेंडर से लेकर अब तक का पूरा रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। यह भी कहा है कि यदि राज्य सरकार रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराती है तो मामले में सीबीआई से जांच कराई जाएगी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हुई।

याचिका की दायर

इस मामले में देहरादून निवासी सच्चिदानंद डबराल की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2010 में तत्कालीन विधायक मदन कौशिक द्वारा विधायक निधि से करीब डेढ़ करोड़ की लागत से 16 पुस्तकालय बनाने के लिए बजट आवंटित किया गया। पुस्तकालय बनाने के लिए भूमि पूजन से लेकर उद्घाटन तक का भुगतान कर दिया गया। वहीं याचिका में आरोप है कि किसी भी पुस्तकालय का निर्माण नहीं किया जा सका। यह भी आरोप है कि विधायक निधि के नाम पर विधायक ने तत्कालीन जिला अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी समेत ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के साथ मिलकर बड़ी गड़बड़ी की है।