एक करोड़ 66 लाख का बीमा हड़पने के लिए कर दी थी दोस्त की हत्या

उत्तर प्रदेश : जनपद मुरादाबाद में पुलिस ने सुपरवाइजर की हत्या का खुलासा कर दिया लेकिन उस खुलासे में जो सामने आया वो चौकाने वाला है। पुलिस के मुताबिक सुपरवाइजर के दोस्त ने ही पॉलिसी का 1 करोड़ 66 लाख रुपये हड़पने के लिये गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी थी और उसे एक्सीडेंट का रूप देते हुए सड़क के किनारे फेंक दिया था।

यह था मामला

पुलिस लाइन में एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पाकबड़ा के ग्रोथ सेंटर स्थित एक्सपोर्ट फर्म में जालेंद्र सिंह सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था। पाकबड़ा में पत्नी और बच्चों के साथ किराए का कमरा लेकर रहता था। आठ सितंबर को बकैनिया गांव के पास जालेंद्र की हत्या करके शव फेंक दिया गया था। जांच में पाकबड़ा थाना पुलिस के साथ एसओजी टीम जुटी थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहनों की पहचान की गई। पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि मृतक जालेंद्र सिंह की राजीव कुमार निवासी असमोली जनपद सम्भल से दोस्ती थी। आरोपित राजीव ने इस हत्याकांड की साजिश रची थी। उसने  जालेंद्र सिंह का तीन अलग-अलग बीमा किया था। जिसमें बीमा की धनराशि एक करोड़ 66 लाख 22 हजार रुपये थी। इसी धनराशि को हड़पने के लिए उसने सुपरवाइजर की हत्या करने का प्लान तैयार किया था।

हत्या को हादसे में बदलने के लिए घायल पर  चढ़ा दी कार

इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए सबसे पहले राजीव कुमार ने अपने साथी वीर सिंह उर्फ बिट्टू व राजीव चौहान को तीन लाख रुपये का लालच देकर हत्या करने के लिए तैयार किया था। इस काम को अंजाम देने के लिए वीर सिंह उर्फ बिट्टू ने अपने भाई पुष्पेंद्र को भी शामिल कर लिया था। स्कूटी पर सवार होकर फैक्ट्री से घर लौट रहे जालेंद्र को रास्ते में ही रोक लिया। राजीव कुमार ने जालेंद्र को गाड़ी की आगे की सीट पर बैठा लिया। पीछे की सीट पर वीर सिंह उर्फ बिट्टू व मुख्य आरोपित राजीव कुमार बैठ गया।

बीमा के दस्तावेज में हस्ताक्षर करने का बनाया दबाव

गाड़ी में बैठकर सभी शराब पीने लगे। राजीव कुमार ने जालेंद्र सिंह से बीमा के दस्तावेज में हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया। जालेंद्र ने हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया, तो राजीव कुमार ने ईंट तोड़ने वाली बसूली से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। इसके बाद हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए जालेंद्र को सड़क पर लिटाकर तीन बार बुलेरो गाड़ी चढ़ा दी। शव के पास स्कूटी छोड़कर भाग निकले। एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपित राजीव कुमार अपहरण के पुराने मामले में 20 सितंबर को कोर्ट में सरेंडर करके जेल चला गया था।