बंद कमरे में होगी हनी सिंह केस कि सुनवाई, पत्नी ने लगाए थे ये आरोप

मंगलवार को दिए अपने आदेश में जज ने कहा कि अगर दोनों पक्षों के बीच किसी भी तरह के समझौते की उम्मीद हो तो उसे खारिज नहीं किया जाना चाहिए। अब इस मामले में दिल्ली की एक अदालत ने बंद कमरे में सुनवाई का आदेश दिया। बीते 3 सितंबर को हनी सिंह ने एक आवेदन दाखिल किया था और मामले की सुनवाई बंद कमरे में करने का आग्रह किया था।

बातचीत से विवाद सुलझाने का सुझाव

दिल्ली की तीस हजारी अदालत में न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान हनी सिंह और उनसे अलग रह रहीं उनकी पत्नी शालिनी तलवार को अपने चैम्बर में बुलाकर समझाया था। दोनों को आपसी बातचीत से इस विवाद को सुलझाने का सुझाव भी दिया गया। अदालत ने उनसे कहा कि लड़ना अच्छी बात नहीं है। इससे पहले अदालत ने हनी सिंह को अदालत में पेश नहीं होने पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

क्या है पत्नी शालिनी का आरोप 

शालिनी की शिकायत के अनुसार, हनी सिंह का परिवार लगातार उन्हें शारीरिक रूप से चोट पहुंचा रहे थे। कई सालों से हनी सिंह द्वारा उनके साथ मारपीट की जा रही हैं। शालिनी ने कहा कि हनी सिंह और उनके परिवार ने उन्हें मानसिक और भावनात्मक रूप से इस कदर तोड़ दिया था कि उन्हें ऐसा महसूस होता था कि वो कोई जानवर हैं।

मुआवजे के रूप में मांगे 10 करोड़

शालिनी ने मामले में 10 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगते हुए कहा है कि उनके साथ इस रिश्ते में जानवरों की तरह बर्ताव किया गया है। शलिनी ने कोर्ट से यह भी आग्रह किया कि वो हनी सिंह को आदेश दें कि वो हर महीने दिल्ली में उनके घर के किराए के लिए उन्हें पांच लाख का चेक दें, ताकि उन्हें अपनी मां पर निर्भर होकर ना रहना पड़े।

हनी सिंह ने पत्नी के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी

अपनी पत्नी के आरोपों पर हनी सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट साझा किया था। हनी सिंह ने लिखा, ’20 साल की मेरी साथी/पत्नी, श्रीमती शालिनी तलवार द्वारा मुझ पर और मेरे परिवार पर लगाए गए झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोपों से मैं बहुत दुखी हूं। मेरे गानों के लिए कठोर आलोचना, मेरे स्वास्थ्य पर अटकलों और निगेटिव मीडिया कवरेज के बावजूद मैंने कभी भी सार्वजनिक बयान या प्रेस नोट जारी नहीं किया है।’