आज है आश्विन कृष्ण सप्तमी तिथि, रखें इन बातों का ध्यान

आज मङ्गलवार, आश्विन कृष्ण सप्तमी तिथि है।

आज मृगशिरा नक्षत्र, “आनन्द” नाम संवत् 2078 है

शुक्ल पक्ष सप्तमी

नक्षत्र : म्रृगशीर्षा

श्रीमहालक्ष्मी व्रत समाप्त

आज का दिशाशूल:उत्तर दिशा .

आज का राहुकाल: 3:15 PM – 4:44 PM

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय – 6:21 AM

सूर्यास्त – 6:13 PM

चन्द्रोदय – 28 सितंबर 11:17 PM

चन्द्रास्त – 28 सितंबर 12:30 PM

शुभ काल

अभिजीत मुहूर्त – 11:53 AM – 12:41 PM

अमृत काल – 10:49 AM – 12:37 PM

ब्रह्म मुहूर्त – 04:45 AM – 05:33 AM

योग

व्यातीपात – 27 सितंबर 04:51 PM – 28 सितंबर 05:50 PM

वरीयान -28 सितंबर 05:50 PM – 29 सितंबर 06:34 PM

द्विपुष्कर योग – 28 सितंबर 06:21 AM – 28 सितंबर 06:17 PM

रखें इन बातों का ध्यान

  • आज सप्तमी तिथि का श्राद्ध है।
  • पितरों ने चॉंदी के पात्र में ही गो रूप धारिणी पृथ्वी से स्वधा का दोहन किया था। अतः पितरों को चॉंदी का दान अभीष्ट एवं प्रसन्नता बढ़ाने वाला होता है।
  • श्रद्धा एवं उत्तम विधि से श्राद्ध करने वाले के कुल में कोई भी दु:ख नहीं भोगता है।
  • दु:स्वप्न दिखाई देने पर श्राद्ध करने से दु:स्वप्न दोष के फल का नाश होता है।
  • श्राद्ध में भोजन के समय ब्राह्मण को उत्तर दिशा में मुख करके बैठाना चाहिए।
  • श्राद्ध के निमित्त नमक रहित अन्न से अग्नि में आहुति दें।
  • आहुति से बचे हुए अन्न को ब्राह्मण के पात्र में परोसे।
  • अंगूठा और तर्जनी के बीच का भाग पितृ तीर्थ कहलाता है।
  • सावॉं, राजश्यामाक, प्रसातिका, नीवार और पौष्कल – यह अन्न पितरों को तृप्त करने वाले हैं। ( मार्कण्डेय पुराण)
  • श्राद्ध में जौ, धान, गेहूं, तिल, मूंग, सरसो, कॅंगनी, कोदो और मटर – यह बहुत ही उत्तम हैं।
  • श्राद्ध कर्म करने और ब्राह्मण भोजन का समय प्रातः 11:36 बजे से 12: 24 बजे तक का है।
  • इस समय को कुतप वेला कहते हैं। उक्त समय मुख्य रूप से श्राद्ध के लिए प्रशस्त है।