तुलसी का काढ़ा, बदलते मौसम में करेगा इम्यूनिटी बूस्ट

बदलता मौसम अपने साथ तरह-तरह की बीमारियों को भी लाता है। इस मौसम में सर्दी-जुकाम का होना आम बात है। ऐसे में इन समस्याओं से बचे रहने के लिए व्यक्ति को अपनी इम्यूनिटी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। इसलिए हमारे देश में काढ़ा पीने का चलन प्राचीन काल से है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह के काढ़ा बनाए जाते हैं। इसके सेवन से रोग-प्रतिरोधक (Immunity) क्षमता मजबूत होती है। इस बदलते मौसम में बच्चों व बड़ों को सर्दी, जुकाम और वायरल फीवर से बचाने के लिए तुलसी का काढ़ा (Tulsi Kadha) पीना फायदेमंद माना जाता है। तुलसी एक औषधि है, जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है।

तुलसी  में है एंटीबायोटिक गुण

तुलसी (Basil) में एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं। आयुर्वेद में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है। तुलसी की पत्तियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के गुण मौजूद होते हैं। अगर इसका काढ़ा के रूप में सेवन किया जाए तो इसके सकारात्मक फायदे देखने को मिलते हैं।

तुलसी का काढ़ा पीने के फायदे

सर्दी, जुकाम और गले में खराश से जल्द राहत दिलाने के लिए तुलसी का काढ़ा पीने की सलाह दी जाती है।

  1. तुलसी के पत्ते को पानी में उबालकर थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से फ्लू रोग जल्दी ठीक हो सकता है.
  2. हार्ट के मरीजों को नियमित तौर पर तुलसी के पत्तों का काढ़ा पीने की सलाह दी जाती है. तुलसी का काढ़ा शरीर के कोलेस्ट्रॉल (Cholestrol) को नियंत्रित करने का काम करता है।
  3. अगर आपको सर्दी या फिर हल्का बुखार है तो मिश्री, काली मिर्च और तुलसी की पत्तियों को पानी में पकाकर उसका काढ़ा पीने से फायदा होता है।

तुलसी का काढ़ा बनाने के लिए सामग्री
-तुलसी के पत्ते- 4-5
-दालचीनी पाउडर- 1/2 छोटा चम्मच
-काली मिर्च पाउडर- 1/4 छोटा चम्मच
-अदरक- 1 इंच
-मुनक्का- 3-4
-पानी- 2 गिलास

तुलसी का काढ़ा बनाने की विधि
तुलसी का काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में दो गिलास पानी डालकर गैस पर रखें। फिर पैन में सभी चीजों को डालकर मिला लें। इसके बाद पानी को 15 मिनट तक उबलने दें। आंच बंद कर दें और पानी को ठंडा होने दें। मिश्रण को छानकर पी लें। आप चाहे तो स्वाद के लिए इस काढ़े में नींबू का रस या गुड़ भी मिला सकती हैं।