अर्जुन बिजलानी  बने ‘खतरों के खिलाड़ी’ के सीजन 11 के विजेता

स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ के सीजन 11 (Khatron Ke Khiladi 11) टीवी ऐक्टर अर्जुन बिजलानी (Arjun Bijlani) ने जीता है। खतरों के खिलाड़ी सीजन 11 के ग्रैंड फिनाले में कुल 6 कंटेस्टेंट गए हैं। वहां पर टॉप कंटेस्टेंट दिव्यांका त्रिपाठी (Divyanka Tripathi), अर्जुन बिजलानी (Arjun Bijlani), श्वेता तिवारी (Shweta Tiwari), राहुल वैद्य (Rahul Vaidya), वरुण सूद (Varun Sood) और विशाल आदित्य सिंह (Vishal Aditya Singh) के बीच जमकर मुकाबला देखने को मिला। अर्जुन बिजलानी ने टीवी ऐक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी (Divyanka Tripathi) को पीछे छोड़ते हुए ट्रॉफी अपने नाम की है।  दिव्यांका त्रिपाठी पहली रनर अप रहीं।

पूरे सीजन में किया असाधारण प्रदर्शन

अर्जुन बिजलानी ‘मिले हम तुम’ और ‘नागिन’ जैसी टीवी सीरियल्स के लिए जाने जाते हैं। अर्जुन बिजलानी ने ‘खतरों के खिलाड़ी 11’ के पूरे सीजन में असाधारण प्रदर्शन किया था। फिनाले के दिन अर्जुन बिलजलानी का मुकाबला दिव्यांका त्रिपाठी और विशाल आदित्य सिंह से था। अर्जुन बिजलानी को विनर बनने पर ट्रॉफी के साथ 20 लाख रुपये और एक कार मिली है।

रोहित शेट्टी ने की थी अर्जुन की तारीफ

अर्जुन बिजलानी की तारीफ खुद शो के होस्ट रोहित शेट्टी ने भी की थी। उन्होंने कहा था कि अर्जुन हमेशा अपना टास्क शांति से कम्प्लीट करते हैं, वो ना हड़बड़ी मचाते हैं ना ही जीतने के बाद दिखावा करते हैं। जाते हैं टास्क खत्म करते हैं और वापस अपनी जगह पर आ जाते हैं। हर बार उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

दिव्यांका ने जीता दिल

दिव्यांका त्रिपाठी ने अपने स्टंट से अलग छाप छोड़ी। पर्दे पर बहू के किरदार में नजर आने वाली दिव्यांका ने हर स्टंट बखूबी किया। वह शो की फर्स्ट रनर अप रहीं। दिव्यांका भले ही शो जीतने में कामयाब नहीं रहीं लेकिन उन्होंने दर्शकों का दिल जरूर जीता। टॉप 5 में अर्जुन, दिव्यांका, विशाल के अलावा श्वेता तिवारी और वरुण सूद पहुंचे थे।

जीतना-हारना चलता रहता है’

शो जीतने के बाद अर्जुन बिजलानी को एक ट्रॉफी, 20 लाख कैश और ब्रैंड न्यू कार दी गई। अर्जुन बिजलानी ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने लिखा- ‘जीतना और हारना तो चलता रहता है। शो की जर्नी मायने रखती है। मुझे लगता है कि “खतरों के खिलाडी 11” में हम सबने अच्छा किया। पूरी ईमानदारी से कहूं तो विशाल आदित्य सिंह और दिव्यांका त्रिपाठी भी विजेता हैं। जैसा कि मैंने कहा यहां जर्नी मायने रखती है। उन्होंने भी उतना ही अच्छा किया।