आज है कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि, रखें इन बातों का ध्यान

आज शनिवार, तिथि है कृष्ण पक्ष की चतुर्थी

नक्षत्र रहेगा भरणी 10:53 दिन तक उसके बाद कृतिका शुरू होगा

आनन्द संवत्सर विक्रम संवत 2078, शक संवत 1943 (प्लव संवत्सर), भाद्रपद
राहू काल रहेगा सुबह ०९:०० AM से १०:३० AM तक

सूर्योदय – 6:11 AM

सूर्यास्त – 6:14 PM

चन्द्रोदय – Sep 25 8:5 4 PM

चन्द्रास्त – Sep 26 9:53 AM

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त- 04:35 ए एम से 05:23 ए एम

अभिजित मुहूर्त- 11:48 ए एम से 12:37 पी एम

विजय मुहूर्त- 02:13 पी एम से 03:01 पी एम

गोधूलि मुहूर्त- 06:02 पी एम से 06:26 पी एम

अमृत काल- 06:14 ए एम से 08:00 ए एम

निशिता मुहूर्त- 11:49 पी एम से 12:37 ए एम, सितम्बर 26

आज के अशुभ मुहूर्त

राहुकाल- 09:12 ए एम से 10:42 ए एम

यमगण्ड- 01:43 पी एम से 03:13 पी एम

गुलिक काल- 06:11 ए एम से 07:41 ए एम

विडाल योग- 11:33 ए एम से 06:11 ए एम, सितम्बर 26

दुर्मुहूर्त- 06:11 ए एम से 06:59 ए एम

रखें इन का बातों का धयान

-आज पञ्चमी तिथि का श्राद्ध है

-जिन कुंवारों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है, उनका आज श्राद्ध करना चाहिए। इसीलिए कुमार पञ्चमी कहलाती है।

-जो आग में जलकर मर गए हो या जिनका दाह संस्कार ना हुआ हो, उनके लिए जब ब्राह्मण श्राद्ध का भोजन कर लें, उस समय ब्राह्मण के -आगे उनके जूठन के समीप दक्षिणाग्र कुश बिछाकर परोसने की थाली से बचे अन्न को बिखेर देना चाहिए।

-इससे वे पितृ तृप्त हो जाते हैं। इस क्रिया को विकिरान्न कहते हैं।

-वेद, शास्त्र के ज्ञान से रहित ब्राह्मण को श्राद्ध में आमन्त्रित नहीं करें।

-श्राद्ध कर्ता को श्राद्ध के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। उस दिन दूसरे के यहां भोजन नहीं करना चाहिए।ॉ

-गौ और ब्राह्मण ब्रह्मा जी के मस्तिष्क से उत्पन्न हैं, इसीलिए श्राद्ध में गौ और ब्राह्मण का अत्यधिक महत्त्व है।

-श्राद्ध में यदि परिस्थिति वश ब्राह्मणों का भोजन नहीं हो पाता है तो उस दिन पितरों के निमित्त देशी गाय को चारा अवश्य डालें।

-श्राद्ध कर्म करने और ब्राह्मण भोजन का समय प्रातः 11:36 बजे से 12: 24 बजे तक का है।