चुनावी रंजिश में पूर्व प्रधान ने जेल से कराई राशन डिलर के पति कि हत्या

मुरादाबाद भोजपुर के गांव काफियाबाद निवासी राशन डिलर के पति सुरेंद्र सिंह की चुनावी रंजिश को लेकर गोली मारकर हत्या कर दी थी।  पुलिस हमलावरों का सुराग लगाने के लिए 4 सितंबर से कई टीमें जांच कर रही थी। जिसका एसएसपी बबलू कुमार ने प्रेस वार्ता कर खुलासा करते हुए बताया कि ग्राम काफियाबाद भोजपुर थाना क्षेत्र का आशीष नाम का एक अभियुक्त जेल में बंद है। जिसके जरिए यह पूरा षड्यंत्र रचा गया था और गांव में पुराने विवाद के चलते इन दोनों अभियुक्तों ने घटना को अंजाम दिया था। आगे भी इसकी जांच एस ओ जी व सर्विलेंस द्वारा चलती रहेगी इस घटना के खुलासे को देखते हुए मुरादाबाद डीआईजी शलभ माथुर ने पूरी टीम को 50 हज़ार इनाम की भी घोषणा की है इन दोनों अभियुक्तों के पास से मोटरसाइकिल भी बरामद की है जो घटना के समय इन पर मौजूद थी और अवैध देसी तमंचे भी बरामद किये गए है।

सुपारी किलर हुए गिरफ्तार

काफियाबाद की राशन डीलर सुखलेश के पति सिक्योरिटी गार्ड सुरेंद्र सिंह की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि सुरेंद्र की हत्या जेल में बंद काफियाबाद के पूर्व प्रधान आशीष कुमार ने सुपारी देकर कराई थी। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले दोनों सुपारी किलर को गिरफ्तार कर लिया है। हत्याकांड की साजिश जेल में बंद पूर्व प्रधान और एक सुपारी किलर के हिस्ट्रीशीटर भाई अजीत चौधरी ने रची थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने बुधवार दोपहर पुलिस लाइन में सुरेंद्र सिंह हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भोजपुर थानाक्षेत्र के काफियाबाद गांव निवासी सुरेंद्र सिंह मुरादाबाद में साईं गार्डन में सिक्योरिटी गार्ड थे। वह रोज की तरह चार सितंबर की सुबह करीब साढ़े सात बजे नाइट ड्यूटी कर घर लौट रहे थे।

यह था पूरा मामला

उन्होंने बताया कि जेल में बंद हत्यारोपी पूर्व प्रधान अशीष कुमार ने सुरेंद्र की हत्या की साजिश रची थी। उसने जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर अजीत चौधरी से मिलकर सुरेंद्र की हत्या कराने के लिए एक लाख 45 हजार रुपये में सुपारी दी थी। इसके बाद अजीत ने अपनी पत्नी के माध्यम से रुपये जेल के बाहर भिजवा दिए थे। यह रकम अजीत के छोटे भाई विनीत कुमार निवासी हाथीपुर थाना बिलारी को दिए गए थे। विनीत ने अपने साथ डिलारी थानाक्षेत्र के फजलपुर गांव निवासी योगेश उर्फ रिंकू को 22 हजार रुपये देकर सुरेंद्र की हत्या करने के लिए शामिल कर लिया था।

चार सितंबर की सुबह करीब साढ़े सात बजे जब नाइट ड्यूटी करने के बाद सुरेंद्र घर लौट रहे थे तो आरोपी विनीत और योगेंद्र उर्फ रिंकू चट्टा पुल के पास से ही पीछे लग गए थे। रास्ते में मौका पाकर पहले योगेश ने एक गोली मारी। इसके बाद विनीत ने दो गोलियां मारकर दी थीं। जिसमें सुरेंद्र घायल हो गए थे। निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

पुलिस ने विनीत और योगेश को गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल की गई बाइक और दो तमंचे बरामद कर लिए हैं। एसएसपी ने बताया ने कि 25 अप्रैल की रात काफियाबाद में ग्राम प्रधान के चुनाव की रंजिश में उदयपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उदयपाल की हत्या के मामले में पूर्व प्रधान आशीष कुमार जेल में बंद है।

पुलिस का दावा है कि उदयपाल हत्याकांड में समझौता कराने के लिए ही उसने सुरेेंद्र की हत्या की गई है। एसएसपी ने बताया कि खुलासा करने वाली टीम को डीआईजी शलभ माथुर की ओर से 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि नामजद आरोपियों की हत्याकांड में कोई भूमिका सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद सभी को क्लीन चिट दे दी जाएगी।