पुलिस सिपाही कि आय से अधिक संपत्ती

अरवल में पहले सुबह अरोमा होटल के नजदीक एक मकान में आर्थिक अपराध इकाई की टीम छापेमारी करने पहुंची जो  बिहार पुलिस का एक सिपाही के पास आय से अधिक संपत्ति होने का आरोप लगाया जा रहे हैं। सिपाही के पद पर होते हुए  करोड़पति है आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने भ्रष्ट सिपाही के 9 ठिकानों पर छापेमारी में जुटी है। आर्थिक अपराध इकाई की टीम  बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष नरेंद्र कुमार धीरज सिपाही संख्या- 2187 के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। वही अरवल में सिपाही नरेंद्र कुमार धीरज के भाई के घर में करीब 5 घंटे छापेमारी चली। सिपाही के पास करोड़ों की संपत्ति का अंदेशा है।

कोई आम सिपाही नहीं

मंगलवार को निगरानी ब्यूरो और आर्थिक अपराध अनुसंधान इकाई ने पटना जिला पुलिस बल में तैनात आरा के रहने वाले बिहार पुलिस के सिपाही नरेन्द्र कुमार धीरज के कई ठिकानों पर छापेमारी की. इस छापेमारी में पता चला कि नरेन्द्र कुमार धीरज कोई आम सिपाही नहीं है। जबकि ये इतना धनकुबेर है कि इसकी महीने की इनकम के सामने प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की सैलरी या जिले के एसपी-डीएम का वेतन कुछ भी नहीं सांसद और विधायक तो इसकी कमाई के सामने कुछ भी नहीं। बिहार की आर्थिक अपराध अनुसंधान इकाई ने छापेमारी के बाद इसका खुलासा किया है कि बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार धीरज के पास कुल 9 करोड़ 47 लाख 66 हजार 745 रुपये से अधिक की संपत्ति है।

कई ठिकानों पर हुइ छापेमारी

विश्वस्त सूत्रों से आर्थिक अपराध इकाई को सिपाही नरेन्द्र कुमार धीरज के खजानों के बारे में पता चला. जिसके बाद इसके खिलाफ शिकंजा कसा गया और एक बड़ी टीम बनाकर एकसाथ कई ठिकानों पर छापेमारी की गई. रेड में पता चला कि इसने पद का भ्रष्ट दुरुपयोग कर खुद और अपने घरवालों के नाम पर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की, जो कि इसकी सैलरी से कई गुना अधिक है. प्रेस को जानकारी देते हुए ईओयू ने बताया कि सिपाही नरेन्द्र कुमार धीरज ने अपनी नौकरी के दौरान 9 करोड़ 47 लाख 66 हजार 745 रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की, जो इसके वेतन से लगभग 544 प्रतिशत अधिक है।