आलिया के कन्यादान विज्ञापन पर भड़कीं कंगना

अभिनेत्री आलिया भट्ट (alia bhatt) ने हाल ही में एक फैशन ब्रांड के लिए विज्ञापन किया है। इस विज्ञापन में दुल्हन के परिधान में सजी आलिया कन्यादान की परम्परा को जारी रखने के बजाए कन्यामान का कॉन्सेप्ट देते हुए नज़र आती हैं। आलिया भट्ट का ये विज्ञापन सोशल मीडिया पर काफी बवाल मचा रहा है। जहां कुछ लोग इस एड की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं कुछ का इस पर गुस्सा फूट रहा है। अब बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत (kangana ranaut) ने भी इस पर रिएक्ट करते हुए इसे गलत बताया है।

कंगना ने लिखा

इंस्टाग्राम पर एक लंबे नोट में कंगना लिखती हैं -“हम अक्सर एक शहीद के पिता को टीवी पर देखते हैं, जब वे सीमा पर एक बेटे को खो देते हैं, तो वे दहाड़ते हैं ‘चिंता मत करो, मेरा एक और बेटा है, उसका भी दान मैं इस धरती मां को दूंगा। कन्यादान हो या पुत्रदान (अंग्रेजी या उर्दू में इनके लिए शब्द नहीं हैं) जिस तरह से समाज इनका कांसेप्ट देखता है, त्याग इसकी कोर वैल्यू को दिखाता है।

जब वे दान के विचार को ही नीचा दिखाना शुरू कर दें… तब आप जान जाओ कि ये राम राज्य की स्थापना का समय है। जिस राजा ने अपना सब कुछ त्याग दिया, वह भी केवल एक तपस्वी (भिक्षु) का जीवन जीने के लिए। कृपया हिंदुओं और उनके रिवाजों का मज़ाक उड़ाना बंद करें। धरती और स्त्रियाँ दोनों ही शास्त्रों में माता के रूप में बताई गई हैं, उन्हें उर्वरता की देवी के रूप में पूजा जाता है। उन्हें अनमोल और अस्तित्व के स्रोत (शक्ति) के रूप में देखने में कुछ भी गलत नहीं है।”

धन नहीं, तुम्हरा दिमाग गन्दा है

कंगना ने एक और पोस्ट में लिखा है -“जब जीन पूल और ब्लड लाइन्स की बात आती है तो हिंदू धर्म बहुत संवेदनशील और वैज्ञानिक है। एक शादी में एक महिला अपने गोत्र और ब्लड लाइन्स को छोड़कर दूसरे जीन पूल और गोत्र में प्रवेश करती है। इसके लिए उसे न केवल अपने पिता की, बल्कि पूर्वजों की भी अनुमति की आवश्यकता होती है। जिनका खून उसकी नसों में बहता है। इस सुचारू परिवर्तन के लिए पिता उसे हर पक्ष से अनुमति देते हैं और उसे गोत्र से मुक्त करता है। लेकिन जाग्रत मंदबुद्धि इस जटिल विज्ञान को नहीं समझेंगे। बेहतर यही है कि ऐसे ऐड्स पर प्रतिबंध लगा दिया जाए और उन्हें बंद कर दिया जाए।”

“धन कोई गन्दा शब्द नहीं है। तुम्हरा दिमाग गन्दा है। धन कई अर्थों में इस्तेमाल किया जाता है जैसे राम रतन धन पायो, पुत्र धन और सौंदर्य और रूप के धनी होना, कुछ ऐसे शब्द हैं जो हमेशा उपयोग किये जाते हैं। कन्या धन और पराया धन का मतलब ये नहीं आप बेटी को बेच रहे हैं। ये एंटी हिन्दू प्रोपगेंडा बंद करो।”