डेंगू, मलेरिया के लक्षण लगभग एक जैसे

डेंगू, मलेरिया, टायफॉइड और स्क्रब टाइफस के ज्यादातर लक्षण एक जैसे होते हैं। पूरे देश के डॉक्टर्स लोगों को सतर्क कर रहे हैं। कोरोना के केस कुछ कंट्रोल में हैं लेकिन मच्छरों से फैलने वाली कई बीमारियों तेजी से बढ़ रही हैं। डेंगू, मलेरिया, स्क्रब टाइफस और टायफॉइड के लक्षण ओवरलैप हो जाते हैं। ऐसे में सही बीमारी का पता लगना बेहद जरूरी है। यूपी के कई जिलों को डेंगू और टायफॉइड ने अपनी चपेट में ले रखा है अधिकांश जिलों में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हेल्थ कांफ्रेंस में आज इसी पर चर्चा करेंगे और एक्पर्ट डॉक्टर्स से चर्चा करेंगे और सलाह लेंगे।

बढ़ते वायरल के प्रकोप से लोगों में दहशत

बढ़ते वायरल के प्रकोप से लोगों में काफी दहशत है। इन बीमारियों से बचाव करने की जरूरत है। अपने आसपास सफाई रखें, आसपास इकट्ठे पानी में मच्छर न पनपने दें, फुल आस्तीन के कपड़े पहनकर रहें, मच्छरदानी लगाकर सोएं या रिपेलेंट लगाएं। जैसे भी संभव हो मच्छरों से बचाव करें। विषेषज्ञों की भी यही राय है। इन बीमारियों में डेंगू सबसे ज्यादा खतरनाक है। यह तेजी से सेहत गिराती है और घातक हो सकती है। डेंगू के सामान्य लक्षण हैं, तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर में दर्द, कमर दर्द और उल्टियां। उन्होंने बताया कि डेंगू में खुद से दवाइयां लेना खतरनाक हो सकता है। कानपुर के उर्सला अस्पताल की अगर बात की जाए तो प्रतिदिन 75-100 बुखार से पीड़ित मरीज हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। वहीं प्रयागराज, ब्रज क्षेत्र के बाद अब डेंगू और वायरल फीवर कानपुर और प्रयागराज में भी तेजी से पैर पसार रहा है। कानपुर में प्रतिदिन करीब 100 बुखार से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, जबकि प्रयागराज में 97 डेंगू के मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी मामले और बढ़ सकते हैं, जिसके देखते हुए सुरक्षा के तमाम उपाय किए जा रहे हैं। वहीं अगर बरेली के जिला अस्पताल की बात की जाए तो वहां पर प्रशासन की लापरवाही चरम पर है। कोरोना के बाद ड़ेंगू मलेरिया जैसे संक्रमण के खतरे का किसी को डर नहीं है। OPD के दौरान डॉक्टर भी जहां बिना मास्क लगाये नजर आए तो वहीं मरीज और उनके तीमारदार भी लापरवाही बरत रहे हैं। वहीं एमपी के मंदसौर में नगर सहित पूरे जिले में डेंगू बुखार तेजी से फैल रहा है। कैबिनेट मंत्री हरदीपसिंह डंग के गृह नगर में ही शासकीय और निजी अस्पतालों में प्रतिदिन डेंगू के करीब 10 मरीज आ रहे हैं। मंत्री से लेकर अधिकारी तक डेंगू के नाम पर निकाली जाने वाली जागरूकता रैलियों और बैठकों में फ़ोटो खिंचवाने में मस्त दिख रहे है। जगह जगह गंदगी के ढेर और भरे हुए पानी में पनप रहा लार्वा उन्हें दिखाई नहीं दे रहा।