फोर्ड से लेकर टेस्ला तक, सभी वाहनों कि होगी जॉच

अमेरिका के नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) ने शुक्रवार को करीब 3 करोड़ वाहनों की इंजीनियरिंग एनालिसिस शुरू की है। जिसमें उन्होने वाहनों के एयरबैग इंफ्लेटर में ऐसी खामी की शि‍कायत की गई है, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। इनमें साल 2001 से 2019 तक के वाहन मॉडल शामिल हैं।  इस जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया है और इसकी जानकारी सिर्फ ऑटो कंपनियों को दी गई है।

 क्या है एयरबैग इंफ्लेटर 

वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए दिए जाने वाले एयरबैग सिस्टम (Airbag system) में एक इंफ्लेटर का इस्तेमाल किया जाता है, जो वाहन के किसी दुर्घटना में टकराने पर सेंसर से मिले संकेत के बाद सक्रिय हो जाता है। यह तुरंत एयरबैग को गुब्बारे की तरह फुला देता है।

ये हैं प्रमुख कंपनियां 

हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि सभी एयरबैग को वापस मंगाया जाएगा या नहीं। उनकी वाहन मालिकों के घर जाकर भी जांच की जा सकती है। जिन कंपनियों के वाहनों की जांच की जा रही है उनमें होंडा मोटर, फोर्ड मोटर, टोयोटो मोटर, जनरल मोटर्स, निसान मोटर, माज्दा, डायमलर एजी, BMW, क्रिसलर, जगुआर शामिल हैं।

क्या है खामी 

खबर के अनुसार इन सभी वाहनों 6.7 करोड़ से ज्यादा Takata कंपनी का एयरबैग इंफ्लेटर लगाया गया है। इसी कंपनी के करीब 10 करोड़ एयरबैग इंफ्लेटर दुनिया के दूसरे देशों के वाहनों में भी लगाए गए हैं। असल में इनमें से कुछ में ऐसे दुर्लभ मामले पाए गए है कि एक्सीडेंट के समय एयरबैग इंफ्लेटर एक घातक मेटल फ्रैगमेंट फैला सकते हैं। इन इंफ्लेटर की वजह से दुनिया में करीब 28 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 19 की मौत अमेरिका मे हुइ है। जिन 19 लोगों की मौत हुई है उनमें 16 होंडा के वाहनों से, 2 फोर्ड के वाहनों से और 1 BMW के वाहन से हुई है।