ज्यादा हाइ प्रोटीन के भी हैं साइड इफेक्ट्स

खाने के जरिए प्रोटीन लेना आपके शरीर के लिए जरूरी है क्योंकि, इससे आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में एमिनो एसिड्स मिलते हैं। आपका शरीर एमिनो एसिड्स को प्रोड्यूस नहीं करता। प्रोटीन की भरपूर मात्रा की जरूरत सबसे ज्यादा बचपन में, टीनएज में, गर्भावस्था के दौरान, ब्रेस्ट फीडिंग के समय और ओल्ड एज में पड़ती है। रोजाना की गतिविधियों में आपका शरीर प्रोटीन की कुछ मात्रा को खोता है, इसलिए वयस्कों के लिए जरूरी है कि वो प्रोटीन के डेली लॉस को मेंटेन करें।

उम्र के साथ हाई प्रोटीन डाइट लेना जरूरी है जिससे कुपोषण न हो। इसके साथ ही मसल मास और स्ट्रेंथ को मेंटेन करने के लिए प्रोटीन जरूरी है। कई बार मेटाबॉलिज्म को तेज करने और वेट लॉस के लिए भी हाई प्रोटीन डाइट लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन इसका हर किसी पर अलग-अलग असर होता है।

ज्यादा प्रोटीन के नुकसान

प्रोटीन मांसपेशियों, अंगों और हड्डियों के विकास और मजबूती के लिए जरूरी है. हालांकि, अधिक मात्रा में प्रोटीन शरीर में फैट के रूप में जमा हो जाता है। इससे मोटापा बढ़ने लगता है। कम कार्बोहाइड्रेट के साथ हाई प्रोटीन डाइट लेने से शरीर में फाइबर की कमी हो जाती है और इसकी वजह से कब्ज हो जाता है। मीट, फिश या फिर चिकन के जरिए बहुत ज्यादा प्रोटीन लेने से डायरिया हो सकता है लिक्विड के रूप में बहुत ज्यादा प्रोटीन लेने से बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है जिससे डिहाइड्रेशन और बार-बार प्यास महसूस हो सकती है। बहुत ज्यादा प्रोटीन किडनी और दिल को भी नुकसान पहुंचाती है, इसलिए प्रोटीन का चुनाव अपने शरीर के हिसाब से ही करें।


कितना प्रोटीन कि है आवश्यकता

यह व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, एक औसत पुरूष को 1 दिन में 56 ग्राम की जरूरत होती है। जबकि महिलाओं को लगभग 46 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रोटीन की दैनिक सिफारिश बॉडी वेट और एक्टिव लाइफस्टाइल पर काफी हद तक निर्भर करती है। मांसपेशियां बनाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए कैलोरी की मात्रा का 10 प्रतिशत प्रोटीन खाने से आना चाहिए।