एप से खाना मंगवाना नही होगा महंगा, GST Council ने लिया फैसला

जीएसटी काउंसिल की 45 वीं कि हुई बैठक। जीएसटी परिषद (GST Council) इस सर्विस पर जीएसटी की दरें बढ़ा सकतीहै। लेकिन बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस संबंध में बैठक में हुए फैसले की जानकारी दी।

लगेगी 5 प्रतिशत जीएसटी

जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक में फूड डिलीवरी एप (जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियां) की सेवाओं पर एक जनवरी, 2022 से 5 प्रतिशत जीएसटी वसूलने का निर्णय किया गया। कोरोना शुरू होने के बाद से यह आमने-सामने जीएसटी काउंसिल की होने वाली पहली बैठक थी। इस तरह की आखिरी बैठक 20 महीने पहले 18 दिसंबर 2019 को हुई थी। उसके बाद से परिषद की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ही हो रही थी।

खाने के ऑर्डर पर नहीं होगा असर

स्विगी और जोमैटो जैसी ई-कॉमर्स इकाइयां उनके जरिये आपूर्ति की जाने वाली रेस्तरां सर्विस पर जीएसटी का भुगतान करेंगी। अब तक रेस्तरां द्वारा इस टैक्स का भुगतान किया जाता था। इससे फूड डिलिवरी ऐप्स का कोई लेना-देना नहीं होता था लेकिन अब जोमैटो और स्विगी जैसे एग्रीगेटर इस टैक्स का भुगतान करेंगे। ऐसे में इस बोझ की वसूली ग्राहकों से की जाने की आशंका की जा रही थी।

हालांकि, राजस्व सचिव ने स्पष्ट किया है कि ये कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है। पहले रेस्तरां से ये टैक्स लिया जा रहा था लेकिन इसे अब फूड एग्रीगेटर्स को ट्रांसफर कर दिया गया है। राजस्व सचिव के मुताबिक कई रेस्तरां इस टैक्स की ग्राहकों से वसूली तो कर रहे थे लेकिन भुगतान नहीं कर रहे थे। अब इसकी जिम्मेदारी फूड एग्रीगेटर्स को दी गई है। मतलब ये हुआ कि ग्राहकों के लिए फूड डिलिवरी पर किसी तरह का बोझ बढ़ने वाला नहीं है।

कैंसर दवाओं पर 5 प्रतिशत जीएसटी

इसके साथ ही, जीएसटी परिषद ने कोविड उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं पर रियायती जीएसटी दरों को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं पर कर दर को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया है।