जब तक सड़क नहीं, तब तक शादी नहीं

बिंदु कहती हैं, ‘हमारे गांव में अच्छी कनेक्टिविटी नहीं है। हमारा गांव आज भी पिछड़ा है।  बिंदू ने कसम खाई है कि जब तक गांव में सड़क नहीं बनती तब तक वो शादी नहीं करेंगी। इस संबंध में बिंदू ने कहा कि गांव में पक्की सड़क के नहीं होने से बस की समस्या के चलते गांव के छात्रों ने भी अपनी पढ़ाई बंद कर दी है,लेकिन मजबूरी में गांव के कुछ बच्चे 7 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जा रहे हैं। इसके अलावा गांव में मोबाइल नेटवर्क की भी समस्या है। साथ ही बीपीएल परिवारों को सरकार से राशन के लिए उन्हें 12 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।

नही होता शादी के लिए कोई तैयार

रामपुरा नामक गांव दावणगेरे जिले में दावणगेरे-चित्रदुर्ग सीमा पर मायाकोंडा होबली से जुड़ता है। इस गांव में 40 घर हैं लेकिन गांव में कोई सही रोड नहीं है। यही वजह है कि लोगों को मजबूरी में कीचड़ वाली सड़कों का उपयोग करना पड़ता है। गांव के कई लोगों को दूल्हा या दुल्हन नहीं मिलती, क्योंकि लोगों को लगता है कि जिस गांव में सड़क नहीं है, वहां बच्चों को पढ़ाई कैसे मिलेगी.’

सीएम ऑफिस से आया जावाब

बिंदु की चिट्ठी पर सीएम ऑफिस से भी जवाब आ गया है और अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा. पंचायत डेवलपमेंट ऑफिसर एमआर सिद्दप्पा ने बताया, ‘हम यहां सड़क के लिए 1 से 2 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं, लेकिन ये पर्याप्त नहीं है. सड़क को बनाने के लिए हमें 50 लाख से 1 करोड़ रुपये की जरूरत है. हमने सरकार और स्थानीय विधायक से रकम मंजूर करने का अनुरोध किया है.’ बताया गया है कि सीएम ऑफिस की ओर से ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग को तुरंत काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही काम को लेकर अपडेट देने को भी कहा गया है.