किसानो मे किया सांकेतिक ‘समाधि’ का किया ऐलान

गाजियाबाद लोनी आवास विकास योजना के तहत किए गए भूमि अधिग्रहण को लेकर 6 गांव के किसान पिछले 5 वर्षों से मंडोला आवास विकास कार्यालय पर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों ने मांग पूरी नहीं होने पर अब जिंदा समाधि लेने के लिए अपनी-अपनी कब्र खोज ली है और किसानों ने जिंदा समाधि लेने का एलान कर दिया है, जिसे लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है और किसानों से वार्ता कर मामले का समाधान करना चाहता है।

यह है मामला
लोनी इलाके के करीब 6 गांव के किसानों की 2614 एकड़ जमीन को आवास विकास परिषद ने अधिग्रहित किया था लेकिन किसानों का कहना है कि जो मुआवजा इन किसानों को दिया गया है वह पुराने रेट के आधार पर दिया गया है। यानी उचित मुआवजा उन्हें नहीं मिल पाया, जिसके कारण 6 गांव के सभी किसान करीब पिछले 5 साल के धरने पर बैठे हुए हैं। किसानों का कहना है कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान कोई हल नहीं निकल पाया तो बीजेपी की सरकार से किसानों को खासी उम्मीद थी।

आपको बता दें कि आप किसान आंदोलन केवल मंडोला योजना के मुआवजे का ही आंदोलन नहीं रहा है। अब किसानों ने कृषि बिल में संशोधन की मांग भी उठानी शुरू कर दी है। किसानों ने बड़े-बड़े होर्डिंग बैनर लगाकर ऐलान किया है, कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि दिलों में संशोधन किया जाए।

जिंदा समाधि लेने की दी चेतावनी
इसके बावजूद भी किसानों की तरफ किसी का कोई ध्यान नहीं गया है। अब मजबूर होकर किसानों ने आमरण अनशन कर प्रतीकात्मक जिंदा समाधि लेने की चेतावनी दी थी। एडीएम, एसडीएम, सीओ और आवास-विकास परिषद के अधिकारियों ने किसानों से वार्ता कर समस्या का हल निकालने की अपील की थी लेकिन तमाम वार्ता असफल रही और बुधवार को 17 किसानों ने योजना के तहत सांकेतिक समाधि लेकर विरोध जताया।