मौत के साय में बच्चो का भविष्य

मामला मौदहा तहसील क्षेत्र के पढोरी गाँव के प्राथमिक विद्यालय का है। जो बुरी तरह से जरजर हो गया है। विद्यालय की छत बुरी तरह से जर्जर हो चुकी है और अचानक भरभराकर गिर भी चुकी है। छत में पड़ी सरिया टूट-टूट कर नीचे लटक आई है और यह हालत सिर्फ एक कमरे की नहीं है, बल्कि सभी कक्षाओं का कुछ ऐसा ही हाल है। वहीं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुधा देवी का कहना है कि बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है।  जिसकी लिखित शिकायत वह कई बार आला अधिकारीयों से कर चुकी हैं।

जर्जर विद्यालय में बच्चो को भेजने से डर रहें परिजन

प्राथमिक विद्यालय की बिल्डिंग जर्जर होने की वजह से बच्चों के गार्जियन भी डरे हुए हैं, स्थानीय निवासी अभिषेक गुप्ता सहित तमाम लोगों का कहना है कि बीते डेढ़ सालों से कोरोना की वजह से बच्चों की पढ़ाई बाधित रही, और अब जब स्कूल खुल गए हैं, तब बिल्डिंग की हालत को देखते हुए बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है।इन विद्यालयों में से अधिकतर विद्यालयों के भवन जर्जर अवस्था में हैं। इन्हीं जर्जर भवनों में स्कूल चल रहे हैं। शासन स्तर पर नीतिगत मामला बताकर इन स्कूलों के जर्जर भवनों को ठीक कराने से शिक्षा विभाग के अफसर खुद को लाचार बताते हैं। हालात यह है कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब हजारों बच्चों पर खतरा मंडरा रहा है। लेकिन इन गरीब परिवारों के बच्चों की चिंता किसी को नहीं है। बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे हैं। इससे बच्चो की जिंदगी खतरे में जा रही है