कैबिनेट विस्तार को लेकर गुजरात में मंथन, इन चेहरों की हो रही है चर्चा

गुजरात में गुरुवार को भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। भूपेंद्र पटेल की अगुवाई वाली सरकार की नई कैबिनेट में 21 से 22 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। ऐसे में कई पुराने और दिग्गज नेताओं की कैबिनेट से छुट्टी भी होगी।

भूपेंद्र यादव को कैबिनेट बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं राज्य भाजपा संसदीय बोर्ड के नेताओं ने गांधीनगर में मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की, जिसके बाद रूपाणी सरकार की कैबिनेट में कई मंत्री अपने दफ्तरों में फाइलों को लेकर समझौता करते नजर आए। नई कैबिनेट में युवाओं और महिलाओं को ज्यादा जगह मिल सकती है। जाति समीकरण तय करने के अलावा स्वच्छ छवि वाले नेताओं को शामिल किया जाएगा। वहीं उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल को कैबिनेट में शामिल किए जाने को लेकर संशय बना हुआ है।

कैबिनेट में हो सकते हैं दो बड़े चेहरे

ऐसी चर्चा है कि, सरकार के बजाय सरकार के 8-10 मंत्रियों को संगठन के काम में लगाया जा सकता है। विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी और वरिष्ठ विधायक डॉ निमाबेन आचार्य भूपेंद्र पटेल की कैबिनेट में दो बड़े चेहरे हो सकते हैं। दोनों ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखते हैं। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जीतूभाई वाघन और भाजपा के मुख्य सचेतक पंकज देसाई के भी मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना है।

सूरत के विधायक हर्ष सांघवी और संगीता पाटिल, अहमदाबाद एलिसब्रिज के विधायक राकेश शाह, वडोदरा के विधायक राकेश शाह, प्रदेश अध्यक्ष पाटिल के करीबी मनीषा वकील, दुष्यंत पटेल, भरूच मोहन डोडिया महुआ के मंत्री बनने पर चर्चा हो रही है।

शपथ ग्रहण के समय करेंगें मंत्रियों के नामों की घोषणा

बता दें कि विजय रूपाणी के शनिवार को अचानक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सोमवार को सिर्फ भूपेंद्र पटेल ने ही शपथ ली थी। भारतीय जनता पार्टी की गुजरात इकाई के प्रवक्ता यमल व्यास ने मंगलवार को कहा कि प्रक्रिया के तहत मंत्रियों के नामों की घोषणा शपथ ग्रहण के समय की जाएगी।

रूपाणी कोरोना वायरस महामारी के दौरान भाजपा शासित राज्यों से इस्तीफा देने वाले चौथे मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने इस साल 7 अगस्त को मुख्यमंत्री के रूप में पांच साल पूरे किए। ऐसे में जब दिसंबर 2022 में राज्य विधानसभा चुनाव होने की संभावना है, तो भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए पाटीदार पटेल पर भरोसा किया है। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य की 182 सीटों में से 99 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस ने 77 सीटें जीती थीं।

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