NEET Solver Gang: किसी का नाम,किसी और ने दी परिक्षा

वाराणसी  पुलिस ने रविवार को नीट परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश करते हुए बीएचयू में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा और उसकी मां को गिरफ्तार किया है। छात्रा दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रही थी। गैंग में केजीएमयू लखनऊ का एक डॉक्टर भी शामिल बताया गया है। पुलिस ने सोमवार को मामले का खुलासा किया। इस सॉल्वर गैंग का नेटवर्क पूर्वोत्तर राज्यों तक फैला है। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। गैंग का मास्टरमाइंड पटना का कोई पीके उर्फ विकास कुमार महतो बताया जा रहा है। सबसे अहम बात कि इस सॉल्वर गैंग के सरगना का पुलिस को सिर्फ नाम मालूम है. पुलिस के पास ना तस्वीर है, ना उसका पता जानती हैं। सरगना पीके सिर्फ कूरियर से भेजता है संदेश सॉल्वर गैंग का सरगना पीके पटना का निवासी है। उसके गुर्गे बिहार, यूपी सहित अन्य राज्यों में सॉल्वर सेट करते हैं और उन्हे रुपयों का प्रलोभन देते हैँ। ये लोग जरूरतमंदों को टारगेट करते हैं, ताकि वो आसानी से लालच में आ जाएं।

जांच में  चला पता

पुलिस की जांच में पता चला कि रोल नंबर 4411112041 पर अभ्यर्थी त्रिपुरा की हिना विश्वास की जगह बीएचयू में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा जूली कुमारी परीक्षा दे रही थी। अपने बैच में वह सेमेस्टर टॉप रही है, यही नहीं नीट परीक्षा में जूली को 720 में से 522 अंक मिले थे। हिना के पिता गोपाल विश्वास ने सॉल्वर गैंग के साथ 25 लाख रुपये में सौदा तय किया था। छात्रा को उसकी मां बबिता देवी परीक्षा दिलाने लाई थी। पुलिस ने मां-बेटी के कब्जे से एक फर्जी आधार कार्ड, नीट परीक्षा की प्रश्न पुस्तिका, प्रवेश पत्र, एक फोटो, दो मोबाइल और एक मूल आधार कार्ड बरामद किया है।

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