OLA कि बड़ी पहल, महिलाएं संभालेंगी दोपहिया वाहन कि जिम्मेदारी

ओला ने देश के ऑटो मार्केट में ई-स्‍कूटर (Ola E-scooter) उतारने के बाद एक और बड़ी पहल की है। कंपनी के सह-संस्‍थपक भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) ने बताया कि तमिलनाडु के ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर प्‍लांट का संचालन सिर्फ महिलाएं करेंगी। इसके लिए प्‍लांट में 10 हजार से ज्‍यादा महिलाओं को नियुक्‍त किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत को आत्मनिर्भर महिला की आवश्यकता है। साथ ही कहा कि यह सिर्फ महिलाओं द्वारा संचालित दुनिया का अकेला मोटर व्‍हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट (All Women Plant) होगा।

हर वाहन के लिए पूरी तरह से जिम्‍मेदार होंगी महिला कर्मी

उन्‍होंने कहा कि ये फ्यूचर फैक्ट्री (Ola Future Factory) 10 हजार से अधिक महिला कर्मचारियों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी सिर्फ महिलाओं द्वारा संचालित फैक्ट्री बन जाएगी। महिलाओं को आर्थिक अवसर उपलब्‍ध करने के लिए और अधिक समावेशी वर्कफोर्स बनाने के लिए ओला का यह अपने तरह का पहला प्रयास है। ओला ने कहा कि उसने इन महिलाओं के कोर मैन्युफैक्चरिंग स्किल्स को बेहतर करने के लिए काफी निवेश किया है। वे ओला फ्यूचर फैक्‍ट्री में बनने वाले हर वाहन के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होंगी। महिलाओं को श्रम कार्यबल में अवसर देने से देश की GDP में 27 फीसदी की वृद्धि हो सकती है।

प्‍लांट से हर साल हो सकता है 1 करोड़ ई-स्‍कूटर का निर्माण
ओला ने पिछले साल तामिलनाडु में अपने पहले ई-स्कूटर प्‍लांट पर 2,400 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया था। ओला ने कहा कि शुरुआत में 10 लाख सालाना की क्षमता के साथ उत्पादन शुरू करेगी। बाजार की मांग के मुताबिक इसे 20 लाख तक बढ़ाया जा सकता है। ओला ने दावा किया था कि पूरी तरह से तैयार होने के बाद उसके प्लांट की क्षमता 1 करोड़ ई-वाहन सालाना होगी। पिछले सप्‍ताह कंपनी ने ओला ई-स्‍कूटर एस-1 की बिक्री को एक सप्‍ताह आगे खिसकाते हुए 15 सितंबर 2021 कर दिया था। कंपनी ने पिछले महीने ई-स्‍कूटर के दो वैरिएंट ओला एस-1 और एस-1 प्रो लॉन्‍च किए थे। इनकी कीमत 99,999 रुपये और 1,29,999 रुपये है।