कम ऑन ब्लू आर्मी इतिहास दोहराओ,इतिहास बनाओ दो कदम चलो और 2007 से चला आ रहा सूखा मिटाओ

जी हाँ 2007 का इतिहास दोहराने और इतिहास बनाने से टीम इंडिया बस दो कदम दूर है.भारत और इंग्लैंड की क्रिकेट टीमें 10 नवंबर को एडिलेड में टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी। 6 साल बाद ब्लू आर्मी इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंची है। इससे पहले 2016 में टीम इंडिया ने अंतिम-4 का मैच खेला था .आईसीसी टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया को खिताब जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है.भारतीय टीम 15 साल बाद एक बार फिर से टी20 विश्व कप ट्रॉफी चूमने के लिए बेताब है. 2007 में महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में टीम ने जीत हासिल की थी और अब रोहित की कप्तानी में वही कमाल दोहराने से बस दो जीत दूर हैं.  

अगर बात सेमीफाइनल की करें तो फैक्टर टीम इंडिया के साथ हैं 

इस मैच से पहले भारतीय टीम के फैंस बेहद खुश हैं. इस खुशी की वजह टीम के प्रदर्शन के साथ आईसीसी भी है. इस बार नॉक आउट में वो पनौती नहीं होगी जिसने अब तक उसे रोक रखा था,आईसीसी ने दोनों ही सेमीफाइनल में मैच के दौरान अंपायरिंग करने वाले अंपायर पैनल की घोषणा कर दी है. इस लिस्ट में उस शख्स का नाम नहीं है, जिसे फैंस पनौती मानते हैं.आईसीसी द्वारा इन मुकाबलों के लिए अंपायर और अन्य अधिकारियों के नाम का ऐलान कर दिया गया है. इस बीच भारतीय फैन्स के लिए राहत की खबर ये है कि अंपायर रिचर्ड कैटलबोरो टीम इंडिया के मैच में अंपायरिंग नहीं करेंगे, सोशल मीडिया पर फैन्स इसको लेकर काफी उत्साहित दिख रहे हैं. 

रिचर्ड कैटलबोरो के साथ जोरदार बदकिस्मत कनेक्शन  

दरअसल, सोशल मीडिया पर मज़े इसलिए लिए जा रहे हैं क्योंकि रिचर्ड कैटलबोरो पिछले कुछ आईसीसी इवेंट्स में जब भी भारत के मैच में फील्ड अंपायर बने हैं, तब टीम इंडिया के साथ कुछ ना कुछ अनहोनी हुई है. फिर चाहे वो टी-20 वर्ल्ड कप 2021 हो या फिर साल 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का सेमीफाइनल जिसमें महेंद्र सिंह धोनी रनआउट हुए थे.सिर्फ ये दो मैच ही नहीं बल्कि ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां पर रिचर्ड कैटलबोरो भारत के लिए अनलकी साबित हुए हैं. इनमें 2014 टी-20 वर्ल्ड कप, 2015 वनडे वर्ल्ड कप, 2016 टी-20 वर्ल्ड कप 2016, 2017 चैम्पियंस ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबले भी शामिल हैं. यही कारण है कि अब जब रिचर्ड कैटलबोरो को भारत के मैच में नियुक्त नहीं किया गया है, तो फैन्स उत्साहित हुए हैं. और यह बदकिस्मत कनेक्शन इतना दमदार है कि टूर्नामेंट में टीम इंडिया  साऊथ अफ्रीका के खिलाफ एकमात्र मैच हारी थी, वह अंपायरों में से एक थे.

150 की रफ्तार से गेंदबाजी  करने वाले मार्क वुड चोटिल, अभ्यास भी नहीं किया,मलान भी चोटिल   

भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल मुकाबले से पहले इंग्लैंड को बड़ा झटका लग सकता है। तेज गेंदबाज मार्क वुड चोट के कारण टीम से बाहर हो सकते हैं। आज अभ्यास सत्र में वो और डेविड मलान नजर नहीं आए रिपोर्ट्स के अनुसार इंग्लैंड के प्रमुख तेज गेंदबाज वुड के मांसपेशियों में खिचाव है। वुड इंग्लैंड के सबसे सफल और प्रभावी तेज गेंदबाज है। इस टूर्नामेंट में मार्क वुड ने खेले अपने 4 मुकाबले में 9 विकेट लिए हैं। इंग्लैंड के लिए सेमीफाइनल

मुकाबले से पहले चोटिल होने वाले मार्क वुड दूसरे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले डेविड मलान भी कमर में चोट का शिकार हो चुके हैं। उनका भी भारत के खिलाफ दूसरे सेमीफाइनल में खेलना संदिग्ध लग रहा है।उनकी ग्रोइन इंजरी को लेकर 08 नवंबर को उनका फिटनेस टेस्ट भी हुआ है, लेकिन मलान के सेमीफाइनल में खेलने पर संशय बना हुआ है। सुपर-12 के आखिरी मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ फील्डिंग के दौरान मलान चोटिल हो गए थे।

अब नजर ब्लू आर्मी के पॉवर फैक्टर्स पर

निश्चित रूप से सूर्यकुमार यादव और विराट कोहली ही इस  टी -20 वर्ल्ड कप में  ब्लू आर्मी के X फैक्टर हैं तो वहीँ अर्शदीप सिंह और मोहम्मद शमी के साथ-साथ भुवनेश्वर कुमार ने भी टूर्नामेंट में शानदार गेंदबाजी की है। भुवी ने 5 मैच में 4 विकेट लिए हैं। इस दौरान उनकी इकोनॉमी 6 से भी कम रही। 

 

अर्शदीप की गेंदबाजी ने टीम इंडिया को पहुँचाया अर्श पर   

अर्शदीप सिंह ने तो कमाल ही कर दिया। पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने बाबर आजम को शून्य  पर चलता कर दिया। इसके बाद मोहम्मद रिजवान और आसिफ अली को भी पवेलियन भेजा। 4 ओवर में 32 रन देकर 3 विकेट झटके। भारत ये मैच जीत गया।

नीदरलैंड के खिलाफ भी अर्शदीप का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने टीम को 2 विकेट दिलाए। हालांकि, टीम इंडिया साउथ अफ्रीका से अपना अगला मैच हार गई, लेकिन यहां भी अर्शदीप ने विपक्षी टीम के 2 अहम बल्लेबाजों क्विंटन डी कॉक और राइली रूसो को आउट किया।

अगले मैच में बांग्लादेश के खिलाफ भी अर्शदीप ने कमाल किया और 2 विकेट लिए। उन्होंने शाकिब-अल-हसन का बेहद अहम विकेट चटकाया। इसके बाद बांग्लादेश की स्थिति कमजोर हो गई थी। 16 ओवर की इस पारी में अर्शदीप ने 12वें ओवर में ये कमाल किया।

अनुभवी शमी का बेहतरीन प्रदर्शन   

मोहम्मद शमी ने टी-20 वर्ल्ड कप में ज्यादा विकेट नहीं लिए हैं, लेकिन उनकी धारदार गेंदबाजी से बल्लेबाज रन बनाने के लिए जूझते दिखे। जब भी भारतीय कप्तान को विकेट की जरूरत पड़ी उन्होंने विपक्षी टीम का विकेट चटकाया।ऐसे में उनके ओवर मैच में निर्णायक सिद्ध हुए। खासतौर पर भारत-पाकिस्तान मैच में शमी ने इफ्तिखार अहमद का विकेट तब चटकाया जब टीम को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। इस विकेट के बाद गेम भारत के पाले में दिखने लगा था। शमी के अनुभव  से भारत को इस टी-20 वर्ल्ड कप में बहुत फायदा पहुंचा है। 

SKY यानि सूर्यकुमार यादव ने गेंदबाजो को कराया हवाई सफ़र 

टीम इंडिया की सबसे बड़ी स्ट्रेंथ साबित हुए  SKY की तीन अर्धशतकीय पारियां और 360 डिग्री शॉट्स ना सिर्फ चर्चा का विषय रहे, बल्कि भारत को जीत दिलाने में भी इनकी अहम भूमिका रही।भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश मैच में तो सूर्या का बल्ला ज्यादा नहीं चला, लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 40 गेंदों में 68 रन बनाए। जिम्बाब्वे और नीदरलैंड के वो नाबाद रहे। नीदरलैंड के खिलाफ 25 गेंद में 51 और जिम्बाब्वे के खिलाफ 25 गेंद में 61 रन बनाए। सेमीफाइनल में भी इस खिलाड़ी से ऐसी ही बड़ी पारी की उम्मीद होगी।  

KING कोहली VIRAT फॉर्म में

करीब 1 महीना पहले तक विराट कोहली खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने शतक लगाया और इसके बाद तस्वीर ही बदल गई। टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-12 के पहले मुकाबले में विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ 53 गेंद में 82 रन की नाबाद और ऐतिहासिक पारी खेली।

19वें ओवर में हारिस रउफ की गेंद पर कोहली के दो छक्कों ने मैच पलट कर रख दिया। नीदरलैंड के खिलाफ मैच में विराट ने 44 गेंद में 62 रन बनाए और आलोचकों के मुंह बंद कर दिए। बांग्लादेश के खिलाफ 44 गेंद 64 रन के साथ कोहली नाबाद रहे और टीम को मजबूत स्थिति में ले आए। इस मैच में वह प्लेयर ऑफ द मैच थे। ऐसे में विराट पर भी इंग्लैंड के खिलाफ रन बनाने का दारोमदार रहेगा।     

टीम इंडिया की कमजोरी जिनसे पार पाना होगा

भारतीय टीम की स्पिन बॉलिंग इस वर्ल्ड कप में औसत रही है। अक्षर पटेल को पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ एक भी विकेट नहीं मिला। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 40 रन दे दिए। अश्विन भी इस वर्ल्ड कप में कुछ खास कमाल नहीं कर पाए हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला। साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 4 ओवर में 43 रन दे दिए थे।ऐसे में उनकी जगह युजवेंद्र चहल को मौका दिया जा सकता है। चहल का इंग्लैंड के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड है। उन्होंने 11 मैच खेले हैं और 16 विकेट झटके हैं। उनका टी-20 करियर का बेस्ट प्रदर्शन 25 रन देकर 6 विकेट भी इंग्लैंड के खिलाफ ही आया है।  वहीं, अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ 5 टी-20 मैच खेले हैं और उन्हें सिर्फ एक विकेट मिला है।

 फील्डिंग को भी देनी पड़ेगी धार 

इस वर्ल्ड कप टीम इंडिया ने सिर्फ एक मुकाबला साउथ अफ्रीका के खिलाफ हारा है। इस मैच में टीम इंडिया की हार का कारण खराब फील्डिंग रही। सूर्यकुमार यादव ने एक और रोहित शर्मा ने दो रन आउट चांस मिस किए। रोहित 13वें ओवर की पांचवीं गेंद पर मार्करम को रन आउट नहीं कर पाए।

विराट कोहली ने 12वें ओवर की पांचवीं गेंद पर मार्करम का आसान कैच छोड़ा। 15वें ओवर की पांचवीं गेंद पर मार्करम ने लेग साइड पर शॉट खेला। गेंद लंबे समय तक हवा में थी, लेकिन गेंद विराट और हार्दिक के बीच में गिर गई। मार्करम ने इसका पूरा फायदा उठाया और 41 बॉल में 52 रन बना दिए। तब तक वो टीम को जीत के रास्ते पर ला चुके थे।

मार्क वुड से पार पाना नहीं होगा आसान 

इस वर्ल्ड कप इंग्लैंड के सबसे खतरनाक गेंदबाज मार्क वुड हैं। उन्होंने अब तक खेले 4 मुकाबले खेले हैं और 9 विकेट झटके हैं। 32 साल के मार्क वुड ने अफगानिस्तान के खिलाफ 4 ओवर में 149.02 किमी प्रति घंटा की औसत से गेंदबाजी की थी। वहीं, न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने 154.74, यानी लगभग 155 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद डाली थी। यह मौजूदा वर्ल्ड कप की सबसे तेज गेंद है।   

लेकिन ये फैक्टर कहानी बदल सकता है  

विराट कोहली का बल्ला मार्क वुड के खिलाफ खूब चलता है। उन्होंने टी-20 क्रिकेट में मार्क वुड की 19 बॉल खेली है और 46 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 4 चौके और 3 छक्के लगाए हैं। विराट का स्ट्राइक रेट इस दौरान 242 का रहा है।ऐसे में वुड अगर गेंदबाजी करने आते हैं और विराट ज्यादा से ज्यादा स्ट्राइक पर रहे तो भारतीय टीम को फायदा होगा।  

इंग्लैंड का धीमा अटैक करता है धमाल    

इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाज भारत के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। लियाम लिविंगस्टोन ने टीम इंडिया के खिलाफ 5 मैच खेले हैं और 6 से भी कम इकोनॉमी से रन दिए हैं। उन्हें 2 विकेट भी मिले। मोइन अली भारत के खिलाफ लगभग 10 की इकोनॉमी से रन देते हैं, लेकिन उनसे भी टीम को खतरा होगा। इस वर्ल्ड कप उन्होंने 4.50 की इकोनॉमी से रन दिए हैं। आदिल रशीद ने भारत के खिलाफ 11 मैच खेले हैं और उन्हें 7 विकेट मिले हैं।    

पंत और सूर्या बदल सकते हैं तस्वीर

सूर्यकुमार यादव और ऋषभ पंत दो ऐसे बल्लेबाज हैं जो इन गेंदबाजों के खिलाफ अच्छा खेल सकते हैं। दोनों को स्पिन के खिलाफ बड़े शॉट खेलने में महारथ हासिल है। सूर्या कमाल के फॉर्म में भी हैं। इस वर्ल्ड कप में उन्होंने 193 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। वहीं, भले ही ऋषभ पंत को इस वर्ल्ड कप में ज्यादा मौके नहीं मिले हैं, लेकिन वो स्पिनरों के खिलाफ कारगर साबित हो सकते हैं।  

उम्मीद है 15 साल का सूखा समाप्त कर ब्लू आर्मी इस बार क्रिकेट के सबसे छोटे महासमर की विश्व विजेता बनेगी .