COVID टीकाकरण: वैक्सीन की 2 खुराक कितनी जरुरी

भारत मे अभी तक 566 करोड़ टीके लग गए हैं, जिनमें से 233 करोड़ लोगों को पूरी तरह से टीका लगाया गया है, जो कुल आबादी का 29.9 प्रतिशत है। टीकाकरण अभियान बहुत तेजी से हो रहा है। टीके की प्रभावशीलता को जानने के लिए विभिन्न अध्ययन साथ-साथ किए जा रहे हैं। किसी भी खुराख का असर तब ही होता है जब, उसकी सारी खुराख पूरी हो। कोरोना से लड़ने के लिए  वैक्सीन कि दोनो डोज़ लेना बहुत ज़रूरी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के चार महीने के आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मृत्यु दर को रोकने में कोरोनावायरस वैक्सीन की प्रभावशीलता पहली खुराक के बाद 96.6 प्रतिशत और दूसरी खुराक के बाद 97.5 प्रतिशत है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, CO-WIN पोर्टल, जो कि नेशनल COVID-19 टेस्टिंग डेटाबेस और COVID-19 इंडिया पोर्टल है, के डेटा के तालमेल से विकसित एक ‘COVID-19 ट्रैकर’ से रिपोर्ट तैयार की गई है।

टीकाकरण क्यों महत्वपूर्ण है?

हम सभी ने बच्चों के रूप में विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों के लिए टीका लगाया है। नोवेल कोरोनावायरस संक्रमण से भी सुरक्षा के लिए वैक्सीन एक महत्वपूर्ण ढाल है। हालांकि बहुत से लोग टीकाकरण के दुष्प्रभावों से डरते हैं, उन्हें यह समझने की जरूरत है कि टीकाकरण द्वारा दी जाने वाली सुरक्षा कुछ लोगों में होने वाले अस्थायी दुष्प्रभावों से अधिक है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सुझाव

-लोगों को टीका लगवाने के बाद भी मास्क पहनना जारी रखना चाहिए

-तीसरी लहर से बचने के लिए सभी त्योहारों को कम चाव से मनाना चाहिए

– अनावश्यक यात्रा नहीं करनी चाहिए

एक खुराक बनाम दो खुराक से सुरक्षा

दो खुराक के बाद, गंभीर बीमारियों और मौतों से लगभग पूरी तरह सुरक्षा होती है, जो हमें मृत्यु दर से बचाने में टीकों को सबसे महत्वपूर्ण ढाल बनाती है।