लाठीचार्ज में मरने वाले किसान के परिजनों को मिलेगी नौकरी

करनाल में किसानों और सरकार के बीच मसले को बात चीत से समझा लिया गया है. दोनों पक्षों ने मिलकर समाधान निकाल लिया है. अब साढ़े 9 बजे किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और करनाल डीसी निशांत यादव संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। हरियाणा के करनाल में स्थानीय प्रशासन और किसान नेताओं की संयुक्त प्रेस वार्ता में अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने बताया कि, पूर्व एसडीएम आयुश सिन्हा इस दौरान छुट्टी पर रहेंगे। हरियाणा सरकार मृतक किसान सतीश काजल के 2 परिवारजनों को करनाल ज़िले में डीसी रेट पर सेंक्शन पोस्ट पर नौकरी देगी. अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने कहा, कल की वार्ता सकारात्मक वातावरण में हुई। आम सहमति से निर्णय हुआ है कि सरकार 28 अगस्त को हुए घटना की हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच करवाएगी। जांच 1 महीने में पूरी होगी।

प्रशासन के आश्‍वासन पर माने किसान नेता

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि, हमने एक नौकरी और मुआवजा मांगा था, मौत की भरपाई नहीं हो सकता लेकिन प्रशासन ने दो परिजनों DC रेट पर नौकरी पर रखने की बात मान ली है, एक सप्ताह में नियुक्ति हो जाएगी.अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग पर हमारी सहमति बनी है कि अगर अब मुकदमा दर्ज होता है तो अधिकारी कोर्ट में जाकर FIR रद्द करवा सकता है. लेकिन अगर हाईकोर्ट के रिटायर्ड की जज की जांच में आता है तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा, ये सहमति बनी है।

एक महीने के भीतर पूरी होगी न्यायिक जांच

एसीएस देवेंद्र सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि 28 अगस्त को हुई लाठीचार्ज की न्यायिक जांच की जाएगी जिसकी निगरानी रिटायर्ड हाईकोर्ट जज करेंगे। जांच के दौरान तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा छुट्टी पर रहेंगे। मृतक किसान के परिवार के दो लोगों को एक  हफ्ते के अंदर नौकरी देने की बात कही गई है। एक महीने के भीतर यह न्यायिक जांच भी पूरी होगी। मांग पूरी होने पर किसानों ने प्रदर्शन खत्म करने  का ऐलान किया है।