9/11  यू.एस अटैक – यादें आज भी ताजा है !

9/11  यू.एस अटैक : दुनिया के सबसे शक्तिशली देश पर आतंकी हमले में न सिर्फ तीन हजार लोगों की जान गई बल्कि आर्थिक तौर पर भी इस हमले ने अमेरिका को बड़ा झटका दिया था.

अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 को दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था. वहां कि अभेद सुरक्षा के बीच किए गए इस हमले में करीब तीन हजार लोगों की जान चली गई. मरने वालों में सैकड़ों पुलिस ऑफिसर और फायर फाइटर्स भी शामिल थे। दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में शुमार न्यूयॉर्क का वर्ल्ड ट्रेड सेंटर देखते ही देखते पलभर में जलकर खाक हो गया। इस घटना को अंजाम अलकायदा का खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन ने दिया था।

9/11 by the numbers: Victims, hijackers, aftermath, and more facts about September  11, 2001 - ABC7 Chicago

अमेरिका के इतिहास में सबसे काला दिन

अमेरिका पर किए गए इस हमले में अलकायदा के 19 आतंकी शामिल थे. महाशक्ति पर हुए इस आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था. उस वक्त तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने 11 सितंबर की इस घटना को अमेरिकी इतिहास का सबसे काला दिन करार दिया था. हमला की भयावहता का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से अलग-अलग तरह का करीब 18 लाख टन मलबा निकाला गया था और इसे हटाने में करीब 9 महीने लग गए थे।

September 11 attacks | History, Summary, Timeline, Casualties, & Facts |  Britannica

आतंकी हमले से अर्थव्यवस्था को झटका

11 सितंबर 2001 से लेकर 17  सितंबर 2001 तक न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज और अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज बंद रहे. उसके बाद जब बाजार खुला तो बहुत नीचे गिरा हुआ था। अमेरिकी बाजारों की यह सबसे बड़ी गिरावट थी.

इसके बाद अपने ऊपर हुए हमले का बदला लेने के लिए अमेरिका ने न सिर्फ सद्दाम हुसैन को मार गिराया बल्कि अफगानिस्तान से तालिबान की सत्ता को उखाड़ फेंका और उसके बाद पाकिस्तान में छिपे खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत मार गिराया।