अब मच्छर ही मच्छर को मारेगा

 


विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक दुनियाभर में मच्छरों द्वारा फैलाया जाने वाली बीमारी डेंगू है. दुनिया का सबसे घातक जीव मच्छर है. जिसके काटने और जिसकी वजह से फैली बीमारियों से हर साल दुनिया में करीब 4 लाख लोगों की मौत होती है. इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं बच्चे। 

लेकिन बड़ी बात यह है की देश में डेंगू-चिकनगुनिया को मिटाने और नियंत्रित करने के लिए नए प्रकार के मच्छर विकसित किए गए हैं। ऐसा कहना सही होगा की अब जो बीमारी इन मच्छरों से विकसित होती है उसका निवारण भी यही मच्छर करेंगे । भारतीय वैज्ञानिकों ने ऐसा मच्छर बनाया है जो डेंगू और चिकेनगुनिया का खत्म करेगा।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के वेक्टर कंट्रोल रिसर्च सेंटर (VCRC) ने विशेष फीमैल मच्छरों को विकसित किया है। 
यह फीमैल मच्छर नर मच्छरों के साथ मिलकर ऐसे लार्वा पैदा करेंगे जो डेंगू-चिकनगुनिया को खत्म कर देंगे, क्योंकि इनके अंदर इन बीमारियों के वायरस नहीं रहेंगे। 
इसलिए यदि जब बीमारी वाले मच्छर ही नहीं रहेंगे तो इनके काटने से भी लोग संक्रमित नहीं होंगे। 
पुड्डूचेरी स्थित ICMR-VCRC ने एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) की दो कॉलोनियां विकसित की हैं. इन्हें wMel और wAIbB वोलबशिया स्ट्रेन से संक्रमित किया गया है।
 VCRC के डायरेक्टर डॉ. अश्विनी कुमार ने बताया कि हमने डेंगू और चिकनगुनिया को खत्म और नियंत्रित करने के लिए खास तरह के मच्छर बनाए हैं. हम मादा मच्छरों को बाहर छोड़ेंगे ताकि वो नर मच्छरों के साथ मिलकर ऐसे लार्वा बनाए जो इन बीमारियों के वायरसों से मुक्त हो साथ ही उन्होंने सरकार से इसके लिए अनुमति मिलने के इंतज़ार के बारे मे भी बताया औ र जेसे ही उनको इसके लिए सरकार से अनुमति मिलेगी वो इसे बाहर छोड़ देंगे ।