अब कृषि क्षेत्र मे भी भारत और रसिया साथ

नई दिल्ली , भारत एक कृषि प्रधान देश हैं | यहा की आधी जनसंख्या कृषि पर ही आधारित हैं |परंतु भारत अपनी विशाल जनसंख्या तथा अच्छी तकनीकी न होने के कारण आज भी कृषि क्षेत्र मे पीछे ही हैं | आज भी भारत को कई  चीजों को अन्य देशों से आयात करना पड़ता हैं | देश मे कई किसानों को समय पर खेती करने के लिए सही बीजों तथा तकनीकों से वंचित रहना पड़ता हैं | तथा साथ ही अनाजों का सही मूल्य न मिलने के कारण आधे किशान खेती ही नहीं करना पसंद करते |देश की इसी दशा  को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से  शुक्रवार को कृषि क्षेत्र मे  बेहतर सुधार मे मदद करने की बात की |प्रधानमंत्री के कार्यालय ने अपने बयान मे जारी किया हैं | जिसमे रूस से अपने कृषि क्षेत्र के व्यापार  को भारत मे बढाने की बात की गई हैं | तथा साथ ही साथ दोनों नेताओ ने  विशेष रूप से कृषि वस्तुओ ,उर्वकों और  फार्मों उत्पादकों मे  अपने दो तरफा व्यापार को बढ़ावा देने को कहा हैं |अन्तराष्ट्रीय  ऊर्जा ओर खाद्य बाजारों मे स्थित सहित अनेक मुद्दों पर बात हुई |अब देखना यह होगा की मोदी जी का यह प्रयास देश की बिगड़ी हुई स्थिति को सुधारने मे कितनी मदद करता हैं | क्योकी बीते कुछ महीनों मे किशानों द्वारा किए गए धरना  ओर आंदोलनों ने देश के एकता ओर अखंडता पर बहुत सवाल खड़े कर दिए हैं | ऐसे मे अगर कोई बहुराष्ट्रीय कंपनी आकार देश की कृषि को सुलभ बनाने मे मदद करेगी तो शायद यह प्रयास देश के लिए वरदान से कम  नहीं होगा!